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Patna : विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया है। देश और दुनिया से अपने पूर्वजों के तर्पण और पिंडदान के लिए मोक्षधाम पहुंच रहे लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए गयाजी सज-धज कर पूरी तरह तैयार है। इस पावन अवसर पर सीएम सम्राट चौधरी ने गयाजी पहुंचकर प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और बिहार की सुख, शांति तथा समृद्धि की मंगल कामना की। मंदिर में दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे देव घाट पहुंचे और वहां श्रद्धालुओं के लिए किए गए इंतजामों का बारीक मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद आला अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बाहर से आने वाले किसी भी तीर्थयात्री को तनिक भी असुविधा नहीं होनी चाहिए। बिहार की सनातन पहचान अतिथि देवो भव के संस्कार से जुड़ी है, इसलिए यहां आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत पूरे आदर, सम्मान और गर्मजोशी के साथ किया जाना चाहिए।

सीएम ने मेले में बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित टेंट सिटी का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में पितृपक्ष अपने पितरों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का सबसे बड़ा अवसर है। फल्गु नदी के पावन तट पर देश के कोने-कोने से ही नहीं, बल्कि सात समंदर पार से भी लोग पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार की पहली प्राथमिकता यही है कि हर श्रद्धालु यहां से एक सुखद, सुरक्षित और अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटे। गयाजी के साथ पुनपुन में भी तर्पण करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। पर्यटन विभाग के साथ जिला प्रशासन को चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है। गैर-हिंदी भाषी राज्यों से आने वाले लोगों की सहूलियत के लिए आधुनिक मोबाइल ऐप और कई भाषाओं में आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराने की पुख्ता व्यवस्था की गई है।

विष्णुपद कॉरिडोर पर खर्च होंगे 3500 करोड़, सोन का पानी पहुंचेगा फल्गु नदी
धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए सरकार की भावी योजनाओं का खाका खींचते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि गयाजी में विष्णुपद कॉरिडोर का भव्य निर्माण कराया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कुल 3,500 करोड़ रुपये खर्च करेंगी। इसमें से लगभग 2,500 करोड़ रुपये सीधे तौर पर भव्य कॉरिडोर के बुनियादी ढांचे, पहुंच पथों और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विस्तार पर खर्च किए जाएंगे। बिहार में किसी भी धार्मिक स्थल के कायाकल्प के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी विकास परियोजनाओं में शामिल है।
इसके साथ ही फल्गु नदी में पानी के संकट को हमेशा के लिए दूर करने का पक्का बंदोबस्त किया जा रहा है। करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सोन नदी का पानी फल्गु नदी में लाने की महत्वाकांक्षी जल परियोजना पर तेजी से काम जारी है। सोन नदी के जल समझौतों के जरिए फल्गु में जलस्तर बनाए रखने का रास्ता साफ होगा, जिससे गया और आसपास के पूरे इलाके में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता बेहतर होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि धार्मिक विकास के साथ इलाके के आर्थिक उत्थान पर भी पूरा जोर है। बोधगया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना की जा रही है, जहां इसी साल अक्टूबर से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश जमीन पर उतरना शुरू हो जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।

गल्फ और बैंकॉक से सीधे जुड़ेगा गयाजी, एक करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य
कनेक्टिविटी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि गया एयरपोर्ट पूरे मगध क्षेत्र की आर्थिक धड़कन है। सरकार पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट के जरिए राज्य के हवाई नेटवर्क को मजबूत कर रही है। गया को अब घरेलू उड़ानों के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर थाईलैंड के बैंकॉक, इंडोनेशिया और खाड़ी देशों के प्रमुख शहरों से सीधे एयर रूट से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल चल रही है। विदेशों से सीधी उड़ानें शुरू होने से बौद्ध धर्मावलंबियों और पिंडदान के लिए आने वाले विदेशी पर्यटकों की यात्रा सुगम होगी।
संबोधन में उन्होंने शिक्षा और महिला सशक्तीकरण की दिशा में हो रहे बदलावों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में मॉडल व्यवस्था और विद्यार्थी साथी ऐप जैसी पहलों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। वहीं जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में राज्य की 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 43 लाख दीदियां यह मुकाम हासिल कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे बाहर से आए मेहमानों को परिवार जैसा सत्कार दें।

समारोह के दौरान सीएम ने डाक विभाग द्वारा जारी विशेष डाक लिफाफे, पंडा समाज द्वारा रचित पाचन तीर्थ गयाजी पुस्तक और मानपुर पटवा टोली के बुनकरों द्वारा तैयार गयाजी धाम अंगवस्त्र का लोकार्पण किया। मंच से केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने भी विचार रखे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विज्ञान मंत्री शीला कुमारी, कई विधायक, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी प्रीता वर्मा, आयुक्त डॉ. सफीना एएन, आईजी विकास वैभव, डीएम शशांक शुभंकर, एसएसपी सुशील कुमार और पंडा समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।

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