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Ranchi : रांची के अरगोड़ा अंचल के राजस्व कर्मचारी लक्ष्मीकांत मुंडा की हत्या की गुत्थी को रांची पुलिस ने सुलझा लिया है। जमीन के फर्जी दाखिल-खारिज की अर्जी रद्द करने और प्रतिकूल रिपोर्ट भेजने के कारण उनकी सुनियोजित तरीके से हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
वंशावली में मिली थी गड़बड़ी, दाखिल-खारिज रोकने से भड़क गए थे आरोपी
सीनियर DSP अमर कुमार पांडेय ने मीडिया को बताा कि पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि मौजा बड़ा घाघरा में खाता संख्या 29 के तहत आने वाली 96 डिसमिल जमीन को गोसाई परिवार ने कई डीड के जरिए अलग-अलग लोगों को बेचा था। इसके बाद जमीन का दाखिल-खारिज कराने के लिए अरगोड़ा अंचल कार्यालय में आवेदन दिए गए थे। राजस्व कर्मचारी होने के नाते लक्ष्मीकांत मुंडा ने जब जमीन के मूल दस्तावेजों की पड़ताल और मौके पर जाकर जांच की, तो वंशावली में बड़ा अंतर सामने आया। दस्तावेजों में हेराफेरी पकड़ में आने के बाद उन्होंने अंचलाधिकारी को अपनी जांच रिपोर्ट भेजी और दाखिल-खारिज नामंजूर करने की सिफारिश कर दी। उनके इस कदम से कई दाखिल-खारिज रद्द हो गए और कुछ मामले अटक गए। जमीन खरीदार लगातार आरोपियों पर दाखिल-खारिज कराने और जमीन पर कब्जा दिलाने का दबाव बना रहे थे। लक्ष्मीकांत मुंडा के कड़े रुख से नाराज होकर आरोपियों ने उनकी हत्या की पूरी योजना तैयार कर ली।
रात में घर में घुसकर दिया घटना को अंजाम, एसआईटी ने दबोचा
मूल रूप से बुण्डू के दलकीडीह निवासी लक्ष्मीकांत मुंडा नामकुम थाना क्षेत्र के जोरार स्थित अपने घर में रह रहे थे। 23 अक्टूबर की रात करीब साढ़े दस से ग्यारह बजे के बीच आरोपियों ने उनके घर में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया। 24 अक्टूबर को घटना की जानकारी मिलने के बाद नामकुम थाने में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ। टीम में हटिया डीएसपी, बुण्डू एसडीपीओ और कई थानों के प्रभारियों को शामिल किया गया था। पुलिस की तकनीकी शाखा और मानवीय सूचना की मदद से डोरण्डा के बड़ा घाघरा देवी मंडप निवासी प्रदीप गोसाई और सिन्टु कुमार गोसाई के साथ लालपुर के डंगरा टोली निवासी अमित टोप्पो उर्फ अमित गोसाई को गिरफ्तार कर लिया गया।
तीन फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी
डीएसपी अमर पांडेय ने बताया कि इस पूरे षड्यंत्र में शामिल भोला गोसाई, अमित सिंह और शैलेश नाम के तीन अन्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
सराहनीय रही इनकी भूमिका
इस कांड का खुलासा करने में सीनियर डीएसपी अमर कुमार पांडेय के अलावा हटिया डीएसपी नीरज कुमार, बुण्डू एसडीपीओ ओमप्रकाश, डोरंडा थानेदार दिग्विजय सिंह, नामकुम थानेदार रामनारायण सिंह, बुण्डू थानेदार जयदीप टोप्पा, टाटीसिलवे थाना हंसे उरांव, खरसीदाग ओपी प्रभारी मनीष कुमार, दशमफॉल थाना प्रभारी कुन्दन कुमार, एसआई सत्यप्रकाश उपाध्याय, जयदेव कुमार सराक, शशिरंजन, एएसआई शाह फैसल, और बलेन्द्र कुमार की भूमिका सराहनीय रही।
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