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Ranchi : राजधानी रांची के नामकुम इलाके में एक ऐसा खौफनाक और शातिर हनीट्रैप गिरोह सक्रिय था, जिसकी हकीकत सामने आने के बाद हर कोई सन्न है। मसाज का झूठा झांसा देकर सीधे-सादे लोगों को कमरे में बुलाया जाता था, फिर अचानक शुरू होता था बंधक बनाने, बेरहमी से पीटने और कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाने का गंदा खेल। इसके बाद शुरू होती थी बदनामी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने की साजिश। नामकुम पुलिस ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश करते हुए एक पति-पत्नी समेत गिरोह के तीन शातिरों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
अनजान नंबर से आई कॉल और बिछ गया जाल
पुरानी रांची कोतवाली इलाके के रहने वाले मोहम्मद नसीम को जरा भी अंदाजा नहीं था कि मोबाइल पर आया एक साधारण सा बुलावा उनके लिए जिंदगी का सबसे बड़ा खौफ साबित होने वाला है। आरोपियों ने उनसे संपर्क किया और मसाज की बात कहकर नामकुम थाना क्षेत्र के एक घर में आने को कहा। नसीम झांसे में आकर बताए गए पते पर पहुंच गए। जैसे ही वे कमरे में दाखिल हुए, दरवाजा भीतर से बंद कर दिया गया और माहौल पलक झपकते ही बदल गया।
कमरे में अचानक टूट पड़े गुर्गे, उतरवाए कपड़े
घर के अंदर पहले से मौजूद मोहम्मद हैदर और उसका साथी मोहम्मद वसीम उर्फ छोटू अचानक नसीम पर टूट पड़े। गाली-गलौज करते हुए नसीम को इतना पीटा गया कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। इसके बाद हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए जबरन उनके कपड़े उतरवा दिए गए। इस दौरान मोबाइल के कैमरे ऑन थे। नसीम की बेबसी, गिड़गिड़ाहट और हर हरकत को वीडियो और फोटो में कैद कर लिया गया।
कैश-चेन लूटी और शुरू हुआ 5 लाख का ब्लैकमेल
पिटाई के दौरान ही आरोपियों ने नसीम की जेब में रखे 46 हजार रुपये नकद और गले से सोने की चेन छीन ली। इतने पर भी इनका मन नहीं भरा। आरोपियों ने नसीम के सामने उनका ही आपत्तिजनक वीडियो दिखाते हुए सीधा अल्टीमेटम दे दिया कि अगर पांच लाख रुपये नहीं दिए, तो यह वीडियो उनके परिवार, रिश्तेदारों और पूरे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। अपनी जान और इज्जत बचाने के लिए नसीम किसी तरह वहां से बचकर निकले, लेकिन उनके पास ब्लैकमेलिंग के फोन लगातार आने लगे।
एसएसपी का एक्शन, जाल बिछाकर दबोचे गए शातिर
समाज में बदनामी का डर बहुत बड़ा होता है, लेकिन नसीम ने खामोश बैठने के बजाय हिम्मत दिखाई और सीधे नामकुम थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता देखते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन ने फौरन एक्शन के निर्देश दिए। सीनियर डीएसपी मुख्यालय प्रथम अमर पांडेय के नेतृत्व में बनी पुलिस की स्पेशल टीम ने तुरंत मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक की गई और पुलिस ने छापेमारी कर सानिया प्रवीण (24), उसके पति मोहम्मद हैदर (25) और सहयोगी मोहम्मद वसीम उर्फ छोटू (29) को धर दबोचा। इनके पास से ब्लैकमेल करने में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए गए हैं।
पुराने शिकारी, बदनामी के डर से चुप रह जाते थे लोग
पुलिस की कड़ी पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सामने आया कि यह कोई पहली बार नहीं था, बल्कि यह पूरा गिरोह एक सोची-समझी साजिश के तहत शिकार तलाशता था। पहले मीठी-मीठी बातों से फंसाया जाता, फिर बंद कमरे में ब्लैकमेल का जाल बिछाया जाता था। बदनामी के डर से ज्यादातर लोग चुपचाप पैसे देकर निकल जाते थे और पुलिस तक बात नहीं पहुंच पाती थी। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि हैदर और वसीम का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस अब इनके मोबाइल डेटा को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
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