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Ranchi : नवरात्र का समय आते ही रांची शहर का हर कोना रोशनी और रंगों से जगमगा उठता है। राजधानी की सड़कों पर उमड़ती भीड़, हवा में घुली भक्ति और जगह-जगह सजते पंडाल इस उत्सव को और खास बना देते हैं। इसी कड़ी में मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति का पंडाल इस बार चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शुक्रवार की शाम जब रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस पंडाल का उद्घाटन किया तो चारों ओर जय माता दी के जयकारे गूंज उठे। समिति के अध्यक्ष रमेश सिंह और उनके साथी महीनों की मेहनत से तैयार इस पंडाल को देख गर्व से मुस्कुराते नज़र आए।
इस वर्ष पंडाल का थीम कुछ अलग है… “जीवन एक चक्र – जन्म से मृत्यु तक का सफर”। अंदर कदम रखते ही ऐसा लगता है मानो इंसान के जीवन के हर पड़ाव को सजीव कर दिया गया हो। कलाकारों ने बारीकी से जन्म, संघर्ष, सफलता और मृत्यु तक की यात्रा को रंगों और आकृतियों के माध्यम से उकेरा है। झिलमिलाती रोशनियां और आकर्षक सजावट मानो जीवन की अनंत धारा का प्रतीक बन गई हैं।

लेकिन यह सिर्फ एक पंडाल नहीं, बल्कि एक अनुभव है। उद्घाटन के मौके पर आयोजित भजन संध्या ने इस अनुभव को और गहरा कर दिया। प्रमोद प्रेमी की मधुर आवाज़ जब वातावरण में गूंजी तो लोग तल्लीन हो उठे। अनामिका जैन, नेहा निष्ठा, सोना सिंह, जूही पांडे, राजनंदनी, ज्योति सिंह और पवन बिहारी ने एक के बाद एक भजनों की प्रस्तुति दी। भीड़ में शामिल लोग कभी तालियां बजाते, तो कभी आंखें मूंदकर मां दुर्गा की आराधना में डूब जाते।
पूजा समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ एक पंडाल बनाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को भक्ति और सांस्कृतिक आनंद का संगम प्रदान करना है। आने वाले दिनों में यहां और भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
रांची के पूजा पंडालों में चंद्रशेखर आजाद समिति का यह पंडाल न सिर्फ अपने थीम बल्कि आध्यात्मिक वातावरण के लिए लोगों को आकर्षित कर रहा है। शहरवासी और बाहर से आए श्रद्धालु इसे देखने के बाद यही कह रहे हैं – “यह सिर्फ एक पंडाल नहीं, जीवन का आईना है।”
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