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Pakur (Jaydev Kumar) : सुबह का वक्त था। महेशपुर के लखीजोल गांव में बच्चन कुमार मिर्धा खेत जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी फोन आया। सामने वाले ने कहा, “एसपी ऑफिस आ जाइए, आपका गुम हुआ मोबाइल मिल गया है।” पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। महीनों पहले खोया फोन वापस मिल जाएगा, इसकी उम्मीद उन्होंने छोड़ दी थी। नए साल में एसपी निधि द्विवेदी के नेतृत्व में पाकुड़ पुलिस ने “प्रोजेक्ट डिवाइस” के तहत ऐसी ही कई कहानियों को नया मोड़ दिया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 19 चोरी और गुमशुदा मोबाइल बरामद कर लोगों को लौटाए गए हैं। इससे पहले 7 जनवरी को 5 मोबाइल वापस किए गए थे।
सिर्फ एक गैजेट नहीं, यादों का खजाना
आज मोबाइल सिर्फ बात करने का जरिया नहीं रहा। उसमें बच्चों की तस्वीरें होती हैं, जरूरी कागजात की कॉपी होती है, बैंक और कामकाज की जानकारी होती है। महेशपुर, लिट्टीपाड़ा, पाकुड़िया और पाकुड़ मुफस्सिल इलाके के जिन लोगों को उनके फोन मिले, उनके चेहरे की राहत साफ दिख रही थी। झुमा देवी ने कहा, “फोन में मेरे बच्चों की सारी तस्वीरें थीं। लगा था सब चला गया।” मुर्शीद आलम, जो पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले से जुड़े हैं, उनका मोबाइल भी पाकुड़िया थाना क्षेत्र से बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि फोन गुम होने के बाद कई जरूरी नंबर और काम ठप हो गए थे। अब फोन मिलते ही सब कुछ पटरी पर लौट आयेगा।

महीनों पुराने सनहा, फिर भी नहीं छोड़ी उम्मीद
कुछ मोबाइल 2024 और 2025 में दर्ज सनहा से जुड़े थे। कई लोग तो यह मान चुके थे कि अब फोन कभी नहीं मिलेगा। लेकिन तकनीकी टीम ने IMEI ट्रैकिंग और डिजिटल सर्विलांस के जरिए एक-एक कर मोबाइल का पता लगाया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कई फोन अलग-अलग इलाकों में इस्तेमाल हो रहे थे, जिन्हें चिन्हित कर बरामद किया गया।
थाने में लौटी मुस्कान
सभी को एसपी निधि द्विवेदी ने अपने हाथों से सभी को मोबाइन फोन लौटाया। मोबाइल सौंपने के दौरान एसपी ऑफिस का माहौल अलग ही था। कोई धन्यवाद दे रहा था, कोई पुलिस के साथ तस्वीर खिंचवा रहा था। गुम हुए मोबाइल खोज निकालने में नगर थानेदार गौरव कुमार, महेशपुर थानेदार रवि शर्मा, लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी विवेक कुमार, पाकुड़िया थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो, टेक्निकल सेल के प्रभारी संजीव कुमार झा, सिपाही सुधीर रमानी, बैजनाथ गुप्ता, देवकांत कुमार पंडित और प्रवीण यादव की भूमिका सराहनीय रही। एसपी निधि द्विवेदी का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बाकी गुमशुदा मोबाइल भी तलाशे जाएंगे।
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