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Home » फैसलों से फुर्सत, फोरहैंड पर फोकस : रांची में जजों का बैडमिंटन संग्राम
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फैसलों से फुर्सत, फोरहैंड पर फोकस : रांची में जजों का बैडमिंटन संग्राम

January 4, 2026No Comments3 Mins Read
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Ranchi : आम तौर पर गंभीर चेहरों, फाइलों और फैसलों के बीच दिखने वाले न्यायाधीश जब रैकेट थामकर खेल के मैदान में उतरे, तो माहौल कुछ अलग ही था। खेलगांव परिसर स्थित ठाकुर विश्वनाथ शहदेव इंडोर स्टेडियम में 2nd All India Judges Badminton Championship 2026 के दौरान न्यायपालिका का एक मानवीय और जीवंत रूप देखने को मिला। तीन और चार जनवरी को आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के नौ हाई कोर्ट से आए 31 न्यायाधीशों ने भाग लिया। अदालतों की व्यस्त दिनचर्या से निकलकर जब ये जज बैडमिंटन कोर्ट पर पहुंचे, तो न केवल मुकाबले खेले गए, बल्कि आपसी संवाद, मुस्कान और खेल भावना ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

रैकेट के साथ उतरी जिम्मेदारी और अनुशासन

मैच शुरू होते ही साफ हो गया कि यह सिर्फ औपचारिक खेल नहीं है। हर शटल पर फोकस, हर अंक के बाद आत्मसंयम और हार-जीत में सम्मान वही गुण थे, जो अदालत में फैसलों के समय दिखते हैं। मेन सिंगल्स से लेकर मिक्स्ड डबल्स तक सभी मुकाबलों में न्यायाधीशों ने पूरे मन से खेला। खास बात यह रही कि दर्शक दीर्घा में बैठे साथी जज तालियों से खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते नजर आए। कई बार मुकाबला खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ी मुस्कुराते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाते दिखे, जैसे यह याद दिला रहे हों कि खेल भी जीवन की तरह संतुलन सिखाता है।

जीत से ज्यादा अहम रहा साथ

मेन सिंगल्स में बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति फरहान परवेज दुबास ने जीत जरूर दर्ज की, लेकिन उनके चेहरे पर जीत से ज्यादा संतोष दिखा। वूमेन सिंगल्स में उड़ीसा हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति सावित्री राठो की जीत ने साबित किया कि कोर्ट हो या खेल का मैदान, समर्पण ही असली ताकत है। डबल्स मुकाबलों में जो तालमेल दिखा, वह सिर्फ खेल की समझ नहीं बल्कि आपसी विश्वास का भी उदाहरण था। अलग-अलग राज्यों और न्यायालयों से आए जजों ने एक टीम बनकर खेला और यही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

प्रतियोगिता का परिणाम

मेन सिंगल्स

विजेता : न्यायमूर्ति फरहान परवेज़ दुबास (बॉम्बे हाई कोर्ट)

उपविजेता : न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस (केरल हाई कोर्ट)

तृतीय स्थान : न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी (इलाहाबाद हाई कोर्ट)

वूमेन सिंगल्स

विजेता : न्यायमूर्ति सावित्री राठो (उड़ीसा हाई कोर्ट)

उपविजेता : न्यायमूर्ति रेखा बोराना (राजस्थान हाई कोर्ट)

तृतीय स्थान : न्यायमूर्ति नूपुर भाटी (राजस्थान हाई कोर्ट)

मेन्स डबल्स

विजेता : न्यायमूर्ति फरहान परवेज़ दुबास एवं न्यायमूर्ति सारंग वी. कोटवाल (बॉम्बे हाई कोर्ट)

उपविजेता : न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस एवं न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी. (केरल हाई कोर्ट)

तृतीय स्थान : न्यायमूर्ति सी. सारावाना एवं न्यायमूर्ति जी.के. इलंथिरैयन (मद्रास हाई कोर्ट)

मिक्स्ड डबल्स

विजेता : न्यायमूर्ति वी. नरसिंह एवं न्यायमूर्ति सावित्री राठो (उड़ीसा हाई कोर्ट)

उपविजेता : न्यायमूर्ति रवि चिरानिया एवं न्यायमूर्ति रेखा बोराना (राजस्थान हाई कोर्ट)

तृतीय स्थान : न्यायमूर्ति फरजान्द अली एवं न्यायमूर्ति नूपुर भाटी (राजस्थान हाई कोर्ट)

जब सम्मान बना यादगार पल

समापन समारोह में झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान ने विजेताओं को सम्मानित किया। मंच पर खड़े जजों के चेहरों पर औपचारिकता कम और आत्मीयता ज्यादा थी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न्यायपालिका के सदस्यों को मानसिक सुकून देने के साथ आपसी जुड़ाव भी बढ़ाते हैं।

खेल ने जोड़ा, दूरी मिटाई

इस चैंपियनशिप ने यह साबित किया कि न्यायाधीश भी हमारी ही तरह इंसान हैं, जिनके लिए स्वास्थ्य, संवाद और मुस्कान उतनी ही जरूरी है जितनी जिम्मेदारी। कोर्ट के बाहर खेल के मैदान में बनी यह यादें शायद लंबे समय तक उनके साथ रहेंगी।

इसे भी पढ़ें : 9 हाई कोर्ट के 31 जज रांची के खेलगांव में दिखा रहे दम… जानें

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