अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ranchi : रांची शहर की पहचान माने जाने वाले श्री राम जानकी तपोवन मंदिर का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने वाला है। आने वाले कुछ वर्षों में यह मंदिर सिर्फ पूजा-अर्चना का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि एक भव्य और आकर्षक धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा। इसी कड़ी में सोमवार को सीएम हेमंत सोरेन से मंदिर नवनिर्माण समिति के सदस्यों ने मुलाकात की और चल रहे काम की पूरी जानकारी दी। यह मुलाकात औपचारिक जरूर थी, लेकिन इसके पीछे एक बड़ा विजन साफ दिख रहा है, जिसमें तपोवन मंदिर को नई भव्य रूप देने की तैयारी है।
आस्था से आगे बढ़कर पहचान बनाने की तैयारी
तपोवन मंदिर लंबे समय से रांची के लोगों की आस्था का केंद्र रहा है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन अब इसे सिर्फ स्थानीय धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं रखना है। सीएम ने भी इस बात पर जोर दिया कि मंदिर को इस तरह विकसित किया जाए कि देश-विदेश से लोग यहां आने के लिए प्रेरित हों। उनका मानना है कि अगर धार्मिक स्थल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, तो उनका दायरा अपने आप बढ़ेगा।

सरकार का पूरा सहयोग, सुविधाओं पर खास फोकस
मुलाकात के दौरान सीएम ने साफ कहा कि मंदिर के रिनोवेशन और ब्यूटीफिकेशन में सरकार हर संभव मदद करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर जितना भव्य दिखे, उतना ही सुविधाजनक भी होना चाहिए। योजना यह है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर रास्ता, साफ-सफाई, बैठने की जगह, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं आसानी से मिलें। यानी दर्शन के साथ-साथ अनुभव भी बेहतर हो।
2029 तक दिखेगा नया रूप
नवनिर्माण समिति ने बताया कि मंदिर का काम चरणबद्ध तरीके से चल रहा है और वर्ष 2029 तक इसे पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। फिलहाल नींव का काम पूरा हो चुका है और आगे का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसका डिजाइन अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा के निर्देशन में तैयार हो रहा है। ऐसे में इसकी भव्यता और वास्तुकला दोनों ही खास होने वाली हैं।

स्थानीय लोगों के लिए भी अवसर
तपोवन मंदिर का यह विकास सिर्फ धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। आसपास के छोटे व्यवसाय, दुकानदार और सेवा से जुड़े लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। इस तरह यह प्रोजेक्ट आस्था, पर्यटन और रोजगार तीनों को एक साथ जोड़ने की कोशिश है।
समिति ने दिया आमंत्रण, बढ़ी उम्मीदें
मुलाकात के दौरान मंदिर के महंत ओमप्रकाश, सचिव प्रणय कुमार, सदस्य प्रवीण कुमार वर्मा और अयोध्या दास समेत अन्य लोग मौजूद थे। सभी ने मुख्यमंत्री को मंदिर आकर निर्माण कार्य देखने का निमंत्रण दिया।
इसे भी पढ़ें : मां कामाख्या के दरबार में सीएम हेमंत सोरेन, मांगी यह दुआ

