अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Chaibasa : चाईबासा जिले के गुवा थाना अंतर्गत बड़ाजामदा ओपी क्षेत्र में हुई डकैती कांड की जांच के दौरान पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। पुलिस ने जमशेदपुर निवासी एक अपराधी को हथियार और बड़ी संख्या में जिंदा गोलियों के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी का नाम करण कुमार महतो है। उसकी उम्र करीब 24 साल बताई जा रही है। पुलिस ने उसे बड़ाजामदा बस स्टैंड के पास से धर दबोचा।
हथियार और गोलियां जब्त
पुलिस ने करण कुमार महतो के पास से एक सिल्वर रंग का देशी कट्टा, एक ऑटोमैटिक पिस्टल, दो खाली मैगजीन और मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा उसके पास से 7.65 एमएम की 41 जिंदा गोलियां, 9 एमएम की 10 जिंदा गोलियां और 8 एमएम की 9 जिंदा गोलियां भी मिली हैं।
कैसे मिली पुलिस को सूचना
शुक्रवार को किरीबुरु एसडीपीओ अजय केरकेट्टा ने मीडिया को बताया कि 19 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि अक्टूबर महीने में बड़ाजामदा निवासी अनिल चौरसिया के घर हुई डकैती में इस्तेमाल हथियार और गोलियां पहुंचाने के लिए एक व्यक्ति बड़ाजामदा आने वाला है।
ढाई लाख नकद और सोने के गहनों की हुई थी डकैती
बताया गया कि डकैती के दौरान अपराधियों ने घर से करीब ढाई लाख रुपये नकद, लगभग 90 हजार रुपये कीमत का सोने का ब्रेसलेट और करीब 80 हजार रुपये की सोने की चेन लूट ली थी। इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
छापामारी टीम का गठन कर की गई कार्रवाई
सूचना के सत्यापन के बाद एसपी के निर्देश पर किरीबुरु एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम बनाई गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी करण कुमार महतो को गिरफ्तार कर लिया।
जेल में बंद आरोपी का भतीजा निकला करण
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी करण कुमार महतो, डकैती कांड में पहले जेल भेजे गए अभियुक्त दीपक महतो का भतीजा है। वह हथियार और गोलियां बड़ाजामदा निवासी वांछित आरोपी राजू लोहार को देने के लिए आ रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। साथ ही डकैती कांड से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
इनकी भूमिका रही सराहनीय
इस पूरी कार्रवाई में किरीबुरु एसडीपीओ अजय केरकेट्टा, बड़ाजामदा ओपी प्रभारी बालेश्वर उरांव, चंद्रशेखर, धनंजय सिंह समेत सशस्त्र बल की भूमिका सराहनीय रही।
इसे भी पढ़ें : TSPC का सलमान खान गिरफ्तार, करने वाला था यह कांड

