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Ranchi : रांची की ठंडी रात थी। आधी रात का वक्त, शहर की सड़कें लगभग सूनी थीं। बानों मंजिल रोड के एक मोड़ पर अचानक पुलिस की गाड़ियां रुकीं। कुछ ही पलों में उस खामोशी को सायरन की आवाज ने तोड़ दिया। पुलिस ने एक यामाहा बाइक को रोका। उस पर सवार थे तीन युवा चेहरे। कुछ ही मिनटों में उनके हाथों में हथकड़ी थी और जेबों से निकल चुका था एक ऐसा ज़हर, जो सिर्फ शरीर को नहीं, ज़िंदगी को भी खोखला कर देता है। वह था ब्राउन शुगर।
साढ़े पांच लाख का ब्राउन शुगर जब्त
गिरफ्तार युवाओं के नाम शिवा राम, अमर कुमार यादव और सूरज कुमार शर्मा बताये गये। तीनों के चेहरे पर थकान थी, शायद पछतावा भी। पुलिस के मुताबिक, उनके पास से 28.59 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसकी कीमत करीब साढ़े पांच लाख रुपये आंकी गयी। अमर यादव का नाम पहले से पुलिस रिकॉर्ड में था। उसके खिलाफ हत्या और पॉक्सो एक्ट जैसे मामले पुलिस फाइल में दर्ज हैं। पुलिस को दिये अपने बयान में खुलासा किया कि ये तीनों बिहार के सासाराम से ब्राउन शुगर लाकर रांची में ऊंचे दामों में बेचते थे। सासाराम में बबन साह उर्फ मौसा जी और सूरज कुमार इन लोगों को ब्राउन शुगर उपलब्ध कराता है।
डीएसपी प्रकाश की टीम ने तस्करों को दबोचा
सिटी एसपी पारस राणा ने मीडिया को बताया कि रांची पुलिस कप्तान राकेश रंजन को इंफॉर्मेशन मिली थी कि सासाराम से कुछ लड़के ब्राउन शुगर लेकर रांची पहुंचे हैं। ये लोग रांची रेलवे स्टेशन से पहाड़ी मंदिर की तरफ बाइक से आ रहे हैं। मिली इंफॉर्मेशन पर सिटी एसपी पारस राणा के नेतृत्व और नशे के धंधे के जानी दुश्मन माने जाने वाले पुलिस अधिकारी कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय की देखरेख में एसआईटी गठित की गयी। गठित टीम ने रात के करीब साढ़े 12 बजे इन नशे के सौदागरों को धर दबोचा और इनके पास से धीमा जहर यानी ब्राउन शुगर जब्त कर लिया। उनके खिलाफ NDPS एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
सराहनीय रही इनकी भूमिका
‘मौसा जी’ के इन तीन ‘भतीजों’ यानी ब्राउन शुगर तस्करों को दबोचने में कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, डीएसपी दुसरू बानसिंह, डीएसपी बिनित किंडो, सुखदेवनगर थानेदार कृष्ण कुमार साहू, एससी/एसटी थानेदार महेश मुंडा, एसआई प्रेम हांसदा, बजरंग टोप्पो और बबलू बेसरा की भूमिका सराहनीय रही।
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