अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Sahebganj (Jaydev Kumar) : साहिबगंज जिले के बारहरवा थाना क्षेत्र का रतनपुर गांव इन दिनों सदमे में है। जिस आंगन में एक किशोर की हंसी गूंजती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। 14 साल का आयुष अब इस दुनिया में नहीं है। और सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसकी मौत का जिम्मेदार कोई और नहीं, बल्कि उसकी अपनी मां ही निकली। वही मां जिसने नौ महीने उसे अपनी कोख में पाला, जन्म दिया पालपोस कर बड़ा किया, 14 साल तक जिस बेटे को सीने से लगा कर रखा, उसी मां ने अपने बेटे की सांसों की डोर को तोड़ दिया।
तालाब से निकली मासूम की बॉडी
कुछ दिन पहले गांव के पास स्थित तालाब में एक नाबालिग का शव मिलने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस पहुंची, शव को बाहर निकाला गया और पहचान हुई तो गांव के लोग सन्न रह गए। वह आयुष था। शुरुआत में यह मामला हादसा लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया।
मां और ममेरे भाई की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आयुष की मां मीनू देवी का अपने ही भतीजे यानी आयुष के ममेरे भाई रोहित साहा के साथ पिछले दो साल से नाजायज संबंध था। 7 फरवरी की रात आयुष ने अपनी मां को रोहित के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। एक मासूम ने जो देखा, वह उसके लिए भी समझ पाना आसान नहीं रहा होगा। लेकिन उसने जो देखा, वही उसकी मौत की वजह बन गया। जांच में खुलासा हुआ कि संबंध उजागर होने और बदनामी के डर से दोनों ने मिलकर आयुष का गला घोंट दिया। इसके बाद बॉडी को तालाब में फेंक दिया गया, ताकि मामला दुर्घटना लगे।
गांव में मातम और सवाल
रतनपुर गांव में हर चौपाल पर बस एक ही चर्चा है। लोग हैरान हैं कि क्या कोई मां इतनी निर्दयी हो सकती है कि अपने ही बेटे की जान ले ले। पड़ोसियों का कहना है कि आयुष सीधा-सादा और शांत स्वभाव का लड़का था। वह स्कूल जाता था और दोस्तों के साथ खेलता था। गांव की महिलाओं की आंखों में आंसू हैं। कोई कहता है कि अगर मां ही सुरक्षित नहीं रखेगी तो बच्चा कहां जाएगा। कोई यह भी कह रहा है कि समाज का डर इतना बड़ा कैसे हो गया कि एक जान की कीमत उससे छोटी पड़ गई।
मां और ममेरा भाई अब सलाखों के पीछे
बारहरवा थाना पुलिस ने इस मामले में कांड संख्या 28/2026 दर्ज कर जांच शुरू की थी। बारहरवा प्रभाग के इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम ने छानबीन की और आखिरकार सच सामने आया। आरोपी मां मीनू देवी और रोहित साहा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा साहिबगंज के एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने किया।
रतनपुर का वह तालाब अब सिर्फ पानी से भरा नहीं है, वह एक मासूम की अधूरी जिंदगी की कहानी भी समेटे हुए है। गांव में सूरज रोज उगता है, लेकिन आयुष के घर का सवेरा हमेशा के लिए बुझ चुका है।
इसे भी पढ़ें : रांची में फिर बम की धमकी, सिविल कोर्ट के बाद अब डीसी ऑफिस निशाने पर

