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Home » पीएम मोदी के विजन और अदाणी के निर्माण से बदली पूर्वोत्तर की तस्वीर
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पीएम मोदी के विजन और अदाणी के निर्माण से बदली पूर्वोत्तर की तस्वीर

December 20, 2025No Comments3 Mins Read
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पीएम
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Guwahati : सुबह की हल्की धूप में जब पहला यात्री नए टर्मिनल के अंदर कदम रखता है, तो सबसे पहले उसकी नज़र छत से झूलती बांस की बनावट पर जाती है। यह कोई साधारण एयरपोर्ट नहीं लगता। यह उस असम की कहानी कहता है, जिसने अपनी जड़ों को संभालते हुए भविष्य की ओर उड़ान भरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब गुवाहाटी के लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया, तो वह सिर्फ एक इमारत नहीं खोल रहे थे। वह पूर्वोत्तर के लाखों लोगों की उम्मीदों को नया प्रवेश द्वार दे रहे थे।

बांस में बुनी पहचान

इस टर्मिनल का नाम है “द बैंबू ऑर्किड्स”। असम का कोपौ फूल और अरुणाचल का बांस यहां सिर्फ डिज़ाइन का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वे उस संस्कृति की याद दिलाते हैं, जो पीढ़ियों से इस ज़मीन पर सांस लेती आई है। करीब 140 मीट्रिक टन स्थानीय बांस से बने इस टर्मिनल को देखकर ऐसा लगता है जैसे परंपरा और आधुनिकता एक ही छत के नीचे बैठ गई हों। दिन की रोशनी अंदर आती है, हवा खुलकर बहती है और यात्री खुद को किसी शहर की भीड़ नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की गोद में महसूस करता है।

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एक साल में तैयार हुआ सपना

इस टर्मिनल की सबसे खास बात इसका रिकॉर्ड समय में तैयार होना है। अवधारणा से लेकर संचालन तक इसे एक साल से भी कम समय में पूरा किया गया। जर्मनी के म्यूनिख से आए विशेषज्ञों ने टीम के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि पहले ही दिन से हर सिस्टम, हर प्रक्रिया और हर सुविधा यात्रियों के लिए सहज हो। एयरपोर्ट पर काम करने वाले कर्मचारी बताते हैं कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिर्फ मशीनें चलाना नहीं, बल्कि यात्रियों को समझना सिखाया गया।

यात्रियों के चेहरे पर भरोसा

डिजी यात्रा, स्मार्ट चेक इन और खुले यात्री क्षेत्र यहां तकनीक को आसान बनाते हैं। पहली बार उड़ान भरने वाले पूर्वोत्तर के कई यात्रियों के लिए यह टर्मिनल भरोसे की तरह है। यहां सब कुछ तेज़ है, लेकिन जल्दबाज़ी नहीं। 2032 तक यह टर्मिनल 1.31 करोड़ यात्रियों को संभालने के लिए तैयार है। आज गुवाहाटी देश का 10वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है और पूर्वोत्तर के आठों राज्यों की हवाई यात्रा की धुरी बन चुका है।

टर्मिनल असम और पूरे पूर्वोत्तर में चल रहे विकास के उत्सव का प्रतीक : पीएम 

उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह टर्मिनल असम और पूरे पूर्वोत्तर में चल रहे विकास के उत्सव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक्ट ईस्ट नीति के तहत असम अब भारत का पूर्वी द्वार बन रहा है। उनके शब्दों में आत्मविश्वास था, लेकिन मंच से उतरते समय आसपास खड़े स्थानीय कर्मचारियों की आंखों में गर्व था।

स्थानीय पहचान के साथ भी खड़ा किया जा सकता है वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर : अदाणी

इस टर्मिनल का विकास गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने किया है और संचालन अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के पास है। करीब 5,000 करोड़ रुपये के निवेश से एयरपोर्ट का पूरा विस्तार किया जा रहा है, जिससे कार्गो, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि गुवाहाटी टर्मिनल यह दिखाता है कि स्थानीय पहचान के साथ भी वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा सकता है।

सिर्फ एक टर्मिनल नहीं, एक भरोसा

जब शाम को आख़िरी फ्लाइट रनवे पर टेक ऑफ करती है और टर्मिनल की रोशनी बांस की बनावट पर पड़ती है, तो साफ़ दिखता है कि यह इमारत सिर्फ यात्रियों को जोड़ने का ज़रिया नहीं है। यह पूर्वोत्तर के उस सपने का हिस्सा है, जिसमें दूरी कम है, अवसर ज़्यादा हैं और पहचान सुरक्षित है।

इसे भी पढ़ें : तीन महीने की अदाणी स्किल ट्रेनिंग और जिंदगी भर का सहारा… जानें

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