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Pakur (Jaydev Kumar) : पाकुड़ नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद के लिए गुरुवार को चुनावी प्रक्रिया पूरी की गई। दिलचस्प मुकाबले के बाद आखिरकार लॉटरी के जरिए राणा ओझा को नगर परिषद का उपाध्यक्ष चुना गया। यह पूरी प्रक्रिया नगर परिषद कार्यालय के सभागार कक्ष में जिला प्रशासन की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
बराबरी पर छूटा मुकाबला, लॉटरी से हुआ फैसला
उपाध्यक्ष पद के लिए वार्ड पार्षद रूपाली सरदार और राणा ओझा ने नामांकन दाखिल किया था। मतदान के बाद जब मतों की गिनती हुई तो मुकाबला पूरी तरह बराबरी पर आकर रुक गया। नगर परिषद के 21 वार्ड पार्षदों में से दोनों उम्मीदवारों को 10-10 वोट मिले, जबकि एक मत खारिज कर दिया गया। बराबरी की स्थिति बनने के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार ने नियम के अनुसार लॉटरी के माध्यम से उपाध्यक्ष का चयन करवाया। लॉटरी में राणा ओझा का नाम निकलने पर उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया।
पहले दिलाई गई शपथ
उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सबरी पाल और सभी 21 वार्ड पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के बाद उपाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई। अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन ने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन किया, जबकि उपायुक्त मनीष कुमार की निगरानी में यह प्रक्रिया संपन्न हुई।
जीत के बाद विकास का संकल्प
उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद राणा ओझा ने कहा कि वे नगर के विकास के लिए सभी पार्षदों के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने सभी वार्ड पार्षदों का आभार जताते हुए कहा कि नगर की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुलझाने की कोशिश की जाएगी।
सुरक्षा के तगड़े इंतजाम
चुनाव प्रक्रिया के दौरान नगर परिषद कार्यालय और आसपास के इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पाकुड़ एसडीपीओ दयानंद आजाद के नेतृत्व में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात रहे। कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षदों के समर्थकों की बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद रही। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए थे।
कई अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रीति लता मुर्मू, अंचल अधिकारी अरविंद बेदिया, नगर परिषद के प्रशासक अमरेंद्र चौधरी समेत कई अधिकारी और दंडाधिकारी मौजूद थे। नगर परिषद में उपाध्यक्ष पद का यह चुनाव पूरे जिले में चर्चा का विषय बना रहा, क्योंकि अंतिम फैसला लॉटरी के जरिए हुआ।
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