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Pakur (Jaydev Kumar) : संताल परगना के कई ऐसे गांव हैं जहां आज भी बीमारी होने पर लोगों को लंबा सफर तय कर अस्पताल पहुंचना पड़ता है। कई बार जानकारी की कमी और समय पर इलाज न मिलने से छोटी बीमारी भी बड़ी बन जाती है। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पाकुड़ में एक नई पहल शुरू की गई है, जिसका नाम है संजीवनी परियोजना। जिले के वीर कुँवर सिंह हॉल में EFICOR की ओर से इस परियोजना का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न ब्लॉकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी ने इस पहल को दूरस्थ इलाकों के लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बताया।
दूर के गांवों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवा
संजीवनी परियोजना के जरिए खास तौर पर बोरियो, अमड़ापाड़ा और सुंदरपहाड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में काम किया जाएगा। इन इलाकों में कई गांव ऐसे हैं जहां स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पातीं। परियोजना के तहत गांवों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि बीमारी के शुरुआती लक्षणों को कैसे पहचाना जाए, कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है और सरकार की किन योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सकता है। इस पहल से खासकर कमजोर जनजातीय समूहों यानी PVTG समुदाय को काफी मदद मिलने की उम्मीद है।

जागरूकता के साथ इलाज तक पहुंच बनाने की कोशिश
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि कई बार जानकारी के अभाव में लोग बीमारी को नजरअंदाज कर देते हैं। बाद में स्थिति गंभीर हो जाती है। संजीवनी परियोजना के माध्यम से गांव-गांव में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। लोगों को समय पर जांच कराने और इलाज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही टीबी जैसी बीमारियों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि लोग बिना झिझक जांच और इलाज करवा सकें। इस दौरान राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई और बताया गया कि सरकार की ओर से टीबी मरीजों को किस तरह सहायता मिलती है।
स्वास्थ्य योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। ग्रामीणों को यह समझाने पर जोर दिया गया कि सरकारी अस्पतालों और योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि अगर समुदाय के लोग जागरूक होंगे तो कई बीमारियों को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है।
कई अधिकारी और प्रतिनिधि हुए शामिल
इस कार्यक्रम में कई विभागों के अधिकारी और स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से
रमेश बाबू, मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी सैमसन क्रिश्चियन,
- सैमसन क्रिश्चियन योजना प्रबंधक
- गौरव साहू जिला NTEP कोऑर्डिनेटर
- सुषांत दुबे जिला PPM कोऑर्डिनेटर (NTEP)
- चंद्रशेखर सिंह जिला कंसल्टेंट NHM
- प्रशांत मिशेल बरिया कार्यक्रम प्रबंधक
- डॉ. जयजय कुमार मेडिकल ऑफिसर PM JANMAN बोरियो शामिल रहे।
इसके अलावा PVTG टीम, EFICOR के सदस्य और विभिन्न ब्लॉकों के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मिलकर बदलने की कोशिश
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि संजीवनी परियोजना को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। इसे गांव-गांव तक पहुंचाकर लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने की कोशिश की जाएगी।

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