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Koderma (Aftab Alam) : कोडरमा के सतगावां इलाके का गजहड टोला। दिन में यहां बच्चों की आवाज गूंजती है। लेकिन बीती कुछ रातों से उसी सरकारी स्कूल की सीढ़ियों के नीचे एक और कहानी पल रही थी। एक 54 साल का आदमी, जो अपना नाम तक किसी को नहीं बता रहा था, चुपचाप वहीं सोता था। गांव वालों को वह अजनबी लगा। पुलिस को शक हुआ। और फिर जो सामने आया, उसने कई सवाल खड़े कर दिए। यह कहानी है रामेश्वर प्रसाद उर्फ राकेश साव की। उम्र 54 साल। मूल रूप से बिहार के जहानाबाद का रहने वाला। पहली नजर में एक साधारण मजदूर। लेकिन उसके पास से बरामद हुए चार सिंगल शॉट हथियार और पांच जिंदा गोलियां बताते हैं कि कहानी अब साधारण नहीं रही थी।
दो वक्त की रोटी से शुरू हुई दरार
कोडरमा एसपी अनुदीप सिंह ने खुलासा किया कि पुलिस पूछताछ में रामेश्वर ने जो बताया, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा नहीं, बल्कि गरीबी और मजबूरी की जमीनी हकीकत जैसा है। शादी के बाद वह रामगढ़ में किराये के मकान में परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता था। रोज काम मिले तो चूल्हा जले, नहीं मिले तो उधार। धीरे-धीरे खर्च बढ़ा, आमदनी घटती गई। वह कहता है कि मजदूरी से घर का खर्च नहीं चल पा रहा था। इसी बीच उसकी मुलाकात नालंदा जिले के कौशल नाम के एक व्यक्ति से हुई। वहीं से उसकी जिंदगी ने मोड़ लिया। पहले जान-पहचान, फिर सौदा। नए और पुराने हथियार खरीदकर बेचने का धंधा शुरू हो गया। एक मजदूर अब अवैध हथियारों का सप्लायर बन चुका था।
स्कूल बना ठिकाना, बोरे में छुपे हथियार
इस बार वह चार हथियार और पांच गोलियां लेकर सतगावां-गोविंदपुर इलाके में आया था। इरादा बिक्री का था। लेकिन गांव में किसी ने उसे अपने घर में जगह नहीं दी। शायद लोग पहचान नहीं पाए, शायद भरोसा नहीं हुआ। रात होते ही उसने सरकारी प्राथमिक स्कूल को ठिकाना बना लिया। सीढ़ियों के नीचे बिस्तर, पास में एक सफेद प्लास्टिक का बोरा। उसी बोरे में लिपटे थे हथियार। बाहर से सब सामान्य, भीतर खतरनाक सन्नाटा।
गुप्त सूचना और पुलिस की दबिश
एसपी अनुदीप सिंह को सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति स्कूल में रह रहा है और उसके पास हथियार हो सकते हैं। मामला गंभीर था। तुरंत सतगावां थानेदार सौरभ शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित हुई। रात में घेराबंदी हुई। स्कूल परिसर में दबिश दी गई। सीढ़ियों के नीचे सो रहे रामेश्वर को जगाया गया। तलाशी हुई। एक कीपैड मोबाइल, जिसमें सिम तक नहीं था। और फिर वह बोरा खुला, जिसमें चार सिंगल शॉट हथियार और पांच जिंदा गोलियां मिलीं। एक पल में उसकी चुप्पी टूट गई और कहानी सामने आ गई। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके नेटवर्क की तलाश जारी है। कौशल और अन्य संभावित साथियों की खोज में छापेमारी हो रही है।
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