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Ranchi : शनिवार की सुबह रांची के सिविल कोर्ट परिसर में कुछ अलग ही माहौल था। आम दिनों की तरह सिर्फ तारीख पर तारीख का इंतजार नहीं, बल्कि उम्मीद और राहत का माहौल था। लोग अपने पुराने विवादों को खत्म करने की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। मासिक लोक अदालत ने इस उम्मीद को हकीकत में बदल दिया।
लंबित मामलों से मिली राहत
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में कुल 10,176 मामलों का निपटारा हुआ। इनमें छोटे-छोटे विवाद से लेकर लंबे समय से चल रहे मामले भी शामिल थे। कई लोग ऐसे भी थे जो महीनों से कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन इस एक दिन में उनका मामला सुलझ गया।
समझौते से खत्म हुए रिश्तों के तनाव
लोक अदालत की खास बात यही रही कि यहां फैसले थोपे नहीं जाते, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से समाधान निकाला जाता है। इस बार कुल 96,70,140 रुपये की समझौता राशि तय हुई। कई परिवारों और पक्षों के बीच चल रहा तनाव खत्म हुआ और आपसी रिश्तों में भी सुधार देखने को मिला।
अदालत में दिखा अलग सा नजारा
सुबह 10:30 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया के लिए 8 बेंच बनाए गए थे। हर बेंच पर न्यायिक पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। कहीं वकील समझा रहे थे, कहीं दोनों पक्ष आपस में बात कर रहे थे, तो कहीं समझौते के बाद मुस्कान लौटती दिख रही थी। माहौल ऐसा था जहां न्याय के साथ-साथ मानवीय पहलू भी साफ नजर आया।
पहले से की गई थी पूरी तैयारी
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पहले ही वादकारियों को नोटिस भेजा गया था। यही वजह रही कि बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपने मामलों का समाधान कराया। प्रशासन की इस तैयारी ने लोक अदालत को और असरदार बना दिया।
लोगों के लिए आसान और सस्ता रास्ता
लोक अदालत आम लोगों के लिए एक आसान और सस्ता विकल्प बनकर सामने आ रहा है। यहां न तो लंबी तारीखों का झंझट होता है और न ही ज्यादा खर्च। एक ही दिन में मामला सुलझ जाने से लोगों को मानसिक राहत भी मिलती है।
न्याय के साथ भरोसे की जीत
इस मासिक लोक अदालत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि अगर कोशिश सही दिशा में हो तो न्याय केवल कागजों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि लोगों के जीवन में सुकून भी लेकर आता है। शनिवार का दिन रांची के हजारों लोगों के लिए ऐसा ही सुकून भरा दिन बन गया।
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