अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Pakur (Jaydev Kumar) : हाथीगढ़ का मेला इलाके के लोगों के लिए खुशी का मौका होता है। इसी मेला को देखकर रघुनाथपुर की एक महिला अपने पति के साथ घर लौट रही थी। रात गहराने लगी थी और दोनों जल्दी घर पहुंचना चाहते थे। लेकिन 28 नवंबर की यही रात उनके जीवन की सबसे भयावह रात बन गई। रघुनाथपुर से कुछ दूरी पर, बिंझा पुलिया के पास अंधेरा पसरा था। अचानक कुछ लोग रास्ते में आ खड़े हुए। पीड़िता ने बताया कि इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, बदमाशों ने उनके पति को धमकाना और गाली देना शुरू कर दिया। मारधाड़ भी की गयी। पति-पत्नी डर से सिहर उठे। प्रतिरोध करने की कोशिश की, लेकिन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। महिला का हाथ पकड़कर उसे खेत की ओर ले जाया गया, और वहीं उसके साथ दरिंदगी की गई। इस महापाप के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गये।
एसपी ने गठित की SIT, बोलीं- किसी भी हाल में गुनहगार बचना नहीं चाहिये
अगली सुबह पीड़िता और उसके पति ने हिम्मत जुटाई और लिट्टीपाड़ा थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने कांड संख्या 61/2025 के तहत शिकायत ली। मामला बेहद संवेदनशील था, इसलिए पाकुड़ पुलिस कप्तान निधि द्विवेदी ने तुरंत SIT यानी विशेष अनुसंधान दल का गठन कर दिया। एसपी निधि ने SIT से एक ही बात कही… किसी भी हाल में गुनहगार बचना नहीं चाहिये। एसपी से मिले टास्क के बाद SIT की कार्रवाई तेज हो गयी। टीम ने लगातार गांवों में दबिश दी, रास्तों की खाक छानी, और उन खेतों तक में तलाशी ली जहां घटना हुई थी। कुछ ही घंटों में एक के बाद एक सभी पांच आरोपी पुलिस के शिकंजे में आ गए। गिरफ्तार लोगों के नाम डोमना उर्फ डोमा उर्फ बमड़ा पहाड़िया, जोमे पहाड़िया उर्फ मनोज पहाड़िया, चैता पहाड़िया, लुखी पहाड़िया और भीमा पहाड़िया बताये गये। सभी अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं, लेकिन पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने के लिए एक साथ आए थे। पूछताछ के दौरान सभी ने वारदात में शामिल होने की बात कबूल भी कर ली। पुलिस ने पीड़िता की पैंट और चप्पल घटनास्थल से बरामद की है।
इन संदेही गुनहगारों को दबोचने में इंस्पेक्टर बाबु राम भगत और लिट्टीपाड़ा थानेदार विनय कुमार, एसआई अनिल कुमार पडित, गौतम कुमार दास, एएसआई अवधेश कुमार यादव, नरेश मरांडी और महिला एएसआई सविता कुमारी की भूमिका सराहनीय रही।
इसे भी पढ़ें : नाजायज संबंध का दबाव और खौफनाक प्लान… जानें



