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Ranchi : रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में सोमवार को माहौल कुछ अलग था। मंच पर गुरुजी शिबू सोरेन की तस्वीर थी और सामने बैठे थे वे युवा, जिनकी आंखों में आगे बढ़ने के सपने थे। यह गुरुजी की 82वीं जयंती थी, पहली बार बाबा के बिना। लेकिन उनकी मौजूदगी हर शब्द, हर भाव में महसूस हो रही थी। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जब मंच पर पहुंचे तो बात सिर्फ योजनाओं की नहीं थी। यह संवाद था, भरोसे का और जिम्मेदारी का।
बाबा नहीं हैं, पर उनकी लड़ाई जिंदा है
मुख्यमंत्री ने शांत लेकिन भावुक स्वर में कहा कि बाबा आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके आदर्श, संघर्ष और बलिदान हमेशा हमें रास्ता दिखाते रहेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि गुरुजी सिर्फ एक नेता नहीं थे। वे आवाज थे उन लोगों की, जिनकी कोई सुनवाई नहीं होती थी। एक आवाज पर लोग सड़कों पर उतर आते थे, अपने हक के लिए। यह बात सुनते ही भीड़ में बैठे कई युवाओं की आंखें भर आईं। उनके लिए गुरुजी का नाम सिर्फ इतिहास नहीं, पहचान है।
एक कदम आप बढ़ाइए, दस कदम सरकार बढ़ाएगी
मुख्यमंत्री ने युवाओं की तरफ देखते हुए कहा कि हम गुरुजी के सिपाही हैं। आप एक कदम आगे बढ़ें, सरकार आपको दस कदम आगे ले जाएगी। यह कोई नारा नहीं, जिम्मेदारी है। यह बात सुनकर स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लाभार्थी छात्रों के चेहरे खिल उठे। किसी के लिए यह योजना विदेश में पढ़ाई का रास्ता खोल रही है, तो किसी के लिए गांव से निकलकर बड़े संस्थान तक पहुंचने का जरिया बन रही है।
सपनों का बोझ अब कर्ज नहीं बनेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी के कारण बच्चों का पढ़ाई छोड़ना, मजदूरी करना या पलायन करना राज्य की सबसे बड़ी चिंता है। इसी को बदलने के लिए गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना लाई गई है। 4 प्रतिशत ब्याज पर 15 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण, ताकि सपने बोझ न बनें। स्टेज के पास बैठे सुखदेव महतो चुपचाप सुन रहे थे। बुंडू के सुदूर गांव से निकलकर आईआईआईटी रांची तक पहुंचे सुखदेव ने बताया कि अब उनका डॉक्टरेट का सपना सच होने वाला है। उनकी आवाज में राहत थी।
सिर्फ नौकरी नहीं, आत्मविश्वास देना मकसद
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार युवाओं को सिर्फ सरकारी नौकरी के भरोसे खड़ा नहीं करना चाहती। मकसद यह है कि झारखंड का युवा देश और दुनिया की किसी भी प्रतिस्पर्धा में खुद को साबित कर सके। इसी सोच के तहत रिसर्च स्कॉलर्स को स्कॉलरशिप, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने के लिए इंटर्नशिप और पुस्तकालय जैसी पहल की जा रही है।
राज्य को आगे ले जाने की जिम्मेदारी सबकी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग राज्य हमें हमारे पूर्वजों के संघर्ष से मिला है। अब इसे आगे ले जाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं, हम सबकी है। योजनाएं तभी सफल होंगी जब लोग जुड़ेंगे और युवा आगे आएंगे।
गुरुजी की सोच, नई पीढ़ी का भविष्य
कार्यक्रम के अंत में जब गुरुजी वाटिका, पुस्तकालय और नई योजनाओं का शुभारंभ हुआ, तो यह साफ था कि यह आयोजन सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था। यह गुरुजी की सोच को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश थी। स्टेडियम से निकलते वक्त युवाओं के चेहरों पर उम्मीद थी। शायद यही गुरुजी को सच्ची श्रद्धांजलि थी। एक ऐसा झारखंड, जहां पढ़ाई रुके नहीं और सपने अधूरे न रहें।
मुख्यमंत्री के हाथों मिली अहम सौगातें
1. शिक्षा के लिए बड़ा सहारा
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आज 55 विद्यार्थियों को करीब 12 करोड़ रुपये के शिक्षा ऋण के स्वीकृति पत्र सौंपे गए। दो साल पहले शुरू हुई इस योजना से अब तक 2430 छात्र उच्च शिक्षा के लिए लाभान्वित हो चुके हैं। योजना के तहत मात्र 4 प्रतिशत ब्याज दर पर 15 लाख रुपये तक का गारंटेड शिक्षा ऋण दिया जा रहा है।
2. योजनाओं की निगरानी अब डिजिटल
राज्य की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने पब्लिक डैशबोर्ड का शुभारंभ किया। इसके साथ ही एनआईटी जमशेदपुर द्वारा विकसित एआई आधारित चैटबोर्ड भी लॉन्च किया गया।
3. शोधकर्ताओं को प्रोत्साहन
सीएम फेलोशिप एकेडमिक एक्सीलेंस योजना के तहत 23 रिसर्च स्कॉलर्स को 25-25 हजार रुपये की मासिक स्कॉलरशिप दी गई। यह योजना पिछले वर्ष शुरू हुई थी, जिसके तहत अब तक 52 शोधार्थियों का चयन किया जा चुका है।
4. छात्रों के लिए ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप
मुख्यमंत्री ने ‘द ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम’ की शुरुआत की। दो महीने की इस योजना में स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को 17 हजार इंटर्नशिप अवसर मिलेंगे। प्रतिभागियों को 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। इस इंटर्नशिप के जरिए छात्र पढ़ाई के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में काम करेंगे और 4345 पंचायतों में स्थानीय नवाचार, पारंपरिक ज्ञान, लोक कला और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की पहचान करेंगे। यह जानकारी विलेज नॉलेज रजिस्टर में सुरक्षित की जाएगी।
5. ज्ञान और संस्कृति को बढ़ावा
बोकारो के रामरूद्र स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में मास्टर सोबरेन मांझी जिला पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया। साथ ही आदिवासी जनजीवन और मानवशास्त्र पर केंद्रित ‘गुरुजी रात्रि पाठशाला’ की शुरुआत भी हुई। पहले चरण में यह पुस्तकालय रोज रात 8 बजे तक खुला रहेगा।
6. बुजुर्गों को समर्पित ‘गुरुजी वाटिका’
बोकारो के चास नगर निगम क्षेत्र के सोलगडीह में बाबा वैद्यनाथ वृद्ध सेवा आश्रम के पास ‘गुरुजी वाटिका’ का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आश्रम में रह रहे बुजुर्गों से ऑनलाइन बातचीत भी की।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक सुरेश कुमार बैठा, राज्य सभा सांसद महुआ माजी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार, सचिव मनोज कुमार, सचिव उमाशंकर सिंह, एडीजी मनोज कौशिक, बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गौंड और झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष मदन मोहन बरियार समेत बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
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