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News Samvad : अमेरिकी वीजा को दुनिया के सबसे कठिन वीजाओं में गिना जाता है। हाल ही में एक भारतीय आईटी प्रोफेशनल ने इसका अनुभव साझा किया, जो कई लोगों के लिए चौंकाने वाला साबित हुआ। क्लाउड नेटिव प्लेटफॉर्म में विशेषज्ञता रखने वाले इस सीनियर टेक लीड का B1/B2 बिजनेस वीजा इंटरव्यू नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में सिर्फ एक मिनट से भी कम समय में खत्म हो गया और तुरंत रिजेक्शन पर्ची थमा दी गई।
सिर्फ तीन सवालों में खत्म हुआ इंटरव्यू
रेडिट पर साझा किए गए अनुभव के अनुसार, अधिकारी ने उनसे केवल तीन सवाल पूछे… यात्रा का उद्देश्य, पिछली अंतरराष्ट्रीय यात्राएं और अमेरिका में किसी परिवार या दोस्त की मौजूदगी। तीसरे सवाल के बाद ही बिना किसी डॉक्यूमेंट चेक या लंबी पूछताछ के वीजा धारा 214(b) के तहत अस्वीकार कर दिया गया।
स्थिर करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी काम न आईं
इस प्रोफेशनल की सालाना आय करीब ₹1 करोड़ है और वे पिछले 11 साल से भारत में स्थिर नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका के अटलांटा में होने वाले “KubeCon + CloudNative Con 2025” सम्मेलन में हिस्सा लेने की तैयारी की थी। उनके पास पूरा ट्रैवल प्लान और होटल बुकिंग्स थीं। इसके बावजूद वीजा अस्वीकार कर दिया गया। उन्होंने बताया कि उनकी आठ महीने की बच्ची और परिवार भारत में हैं, जो उनकी वापसी की गारंटी थी।
क्या है वीजा अस्वीकृति की धारा 214(b)?
अमेरिकी वीजा की धारा 214(b) तब लागू होती है, जब अधिकारी को लगता है कि आवेदक अपने देश से मजबूत संबंध साबित नहीं कर पा रहा। इसका अर्थ है कि अधिकारी को भरोसा नहीं हुआ कि वह यात्रा पूरी होने के बाद भारत लौट आएगा।
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