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UP : आज जब देशभर में रोजगार एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, तब उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में एक ऐसा गांव भी है, जो पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है। इस गांव का नाम है ‘एकला शुक्ल’, जहां लगभग हर घर से कोई न कोई सरकारी नौकरी में है। यह गांव शिक्षा और सरकारी सेवा के क्षेत्र में एक चमकता सितारा बनकर उभरा है।
250 की आबादी और 50 से ज्यादा सरकारी कर्मचारी
करीब 250 की आबादी वाले इस गांव में ज्यादातर ब्राह्मण परिवार रहते हैं। यहां 50 से ज्यादा लोग आईएएस, पीसीएस, शिक्षक, बैंक अधिकारी, वैज्ञानिक जैसे पदों पर कार्यरत हैं। गांव के बच्चे पढ़ाई को सिर्फ ज़रूरत नहीं, बल्कि जुनून मानते हैं।
खेती से सरकारी नौकरी तक का सफर
तीन दशक पहले तक यह गांव खेती-किसानी पर निर्भर था। लेकिन बदलाव की शुरुआत हुई चंद्रशेखर शुक्ल से, जो स्टेट बैंक में प्रबंधक बने। फिर प्रदीप कुमार शुक्ल एयरफोर्स में ऑफिसर बने। इसके बाद जैसे गांव में शिक्षा की लौ जल उठी।
कुछ प्रेरणादायक नाम:
- राकेश कुमार शुक्ल – पीसीएस जे पास कर बने जज
- नीरज शुक्ल – सहायक कमिश्नर, वाणिज्य विभाग
- सुधीर शुक्ल – वैज्ञानिक, इसरो
- उत्कर्ष शुक्ला – बीएचयू, फिर आईआईटी और अब आईएएस
- विनोद त्रिपाठी – खंड शिक्षा अधिकारी
चौपाल से मिलती है प्रेरणा
यहां के बुजुर्ग बच्चों को चौपाल पर पढ़ाई और प्रतियोगिता के लिए प्रेरित करते हैं। गांव में हर गली में कॉम्पिटीशन की चर्चा होती है। ‘एकला शुक्ल’ गांव अब सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक सोच बन चुका है – पढ़ाई, मेहनत और सफलता की सोच।
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