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हजारीबाग। उर्दू अदब के आलमी कलम कार मोनाजिर आशिक हरगांवी भागलपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। दुनिया भर में 36 से भी ज्यादा अवार्डों से नवाजे जा चुके श्री मोनाजिर 1970 के वक्त हजारीबाग के मार्खम काॅलेज में उर्दू के प्रोफेसर के पद में रह उर्दू का अलख जगाया। उसी जमाने से उनके द्वारा एक किताब कोहशार निकाली गई थी जो अब तक जारी है।
हजारीबग राजद जिला अध्यक्ष सह समाज सेवी तथा शांति समिति के सदस्य संजर मलिक ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने जानकारी दी कि श्री मोनाजिर 2013 में तिलका मांझी विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्ति हुए थे। संजर मलिक ने कहा वह हमारे परिवार से बहुत करीबी के साथ साथ भले, नेक और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी थे।



