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Ranchi : अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी और भारतीय टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा पर हॉकी झारखंड के पदाधिकारी भोलानाथ सिंह की कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर विवाद अब सड़क पर आ गया है। रविवार को आदिवासी संगठनों के पदाधिकारी और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी खिलाड़ी एकजुट होकर मोरहाबादी स्थित जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम पहुंचे। यहां हॉकी झारखंड की बैठक के दौरान प्रदर्शन किया गया और भोलानाथ सिंह समेत अन्य आरोपित पदाधिकारियों को पद से हटाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खिलाड़ियों ने मैदान पर पसीना बहाकर देश और झारखंड का नाम रोशन किया है। ऐसे खिलाड़ियों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज और खिलाड़ियों के सम्मान से जुड़ा है।
अजय तिर्की बोले- पद से नहीं हटे तो उग्र आंदोलन
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि भोलानाथ सिंह और अन्य दोषी पदाधिकारियों को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि असुंता लकड़ा के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अजय तिर्की ने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और भारतीय टीम की पूर्व कप्तान के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भोलानाथ सिंह और अन्य दोषी पदाधिकारी अपने पद से तत्काल नहीं हटते हैं तो आदिवासी संगठन आंदोलन को और तेज करेंगे।

खिलाड़ी ही खेल की असली ताकत, पदाधिकारी नहीं : लक्ष्मी नारायण मुंडा
आदिवासी समन्वय समिति के संयोजक लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि किसी भी खेल की असली ताकत उसके खिलाड़ी होते हैं। यही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि पदाधिकारी खिलाड़ियों के लिए होते हैं, खिलाड़ी पदाधिकारियों के लिए नहीं।
मुंडा ने कहा कि जो खिलाड़ी वर्षों तक मेहनत करके देश के लिए खेलते हैं, उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है, जब भोलानाथ सिंह और अन्य आरोपित पदाधिकारियों को उनके पद से हटाया जाए। उन्होंने हॉकी झारखंड की कार्यकारिणी को बर्खास्त करने और पूरे मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
खिलाड़ियों ने कहा- सम्मान से समझौता नहीं
प्रदर्शन में शामिल खिलाड़ियों ने कहा कि खेल संघों का काम खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना और उनका हौसला बढ़ाना है। खिलाड़ियों के साथ अपमानजनक व्यवहार करने का अधिकार किसी को नहीं है। खासकर उन खिलाड़ियों के साथ, जिन्होंने देश और राज्य के लिए वर्षों तक मेहनत की हो। खिलाड़ियों ने कहा कि असुंता लकड़ा झारखंड की पहचान हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व किया है और लंबे समय तक देश का नाम रोशन किया है। ऐसे खिलाड़ी के साथ कथित अपमानजनक टिप्पणी का मामला गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

बड़ी संख्या में खिलाड़ी और आदिवासी संगठन हुए शामिल
प्रदर्शन में अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी असुंता लकड़ा, ज्योत्सना करकेट्टा, पुष्पा प्रधान, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बुधराम उरांव, मनोज टोप्पो, सुमित टोप्पो, कमल होरो, जोसेफ सोरेन, जगन टोपनो, सुनील कुल्लू, दमनीक लकड़ा और सपना समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी शामिल हुए। आदिवासी मूलवासी मंच के अध्यक्ष सूरज टोप्पो समेत कई आदिवासी संगठनों के पदाधिकारी भी प्रदर्शन में मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यदि दोषी पदाधिकारियों को पद से नहीं हटाया गया और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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