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Pakur (Jaydev Kumar) : झारखंड की राजनीति में घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर गर्म हो गया है। पाकुड़ में भाजपा के जिला प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि झारखंड में घुसपैठ की समस्या लगातार बढ़ रही है और अब इस पर सख्त कार्रवाई का समय आ गया है।
पाकुड़ के सिंधीपाड़ा धर्मशाला में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के तहत दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान मरांडी ने संगठन, राष्ट्रहित और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी।
“घुसपैठियों को अब बख्शा नहीं जाएगा”
अपने संबोधन में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड, खासकर संथाल परगना क्षेत्र में जनसंख्या संरचना में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे अवैध घुसपैठ एक बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। मरांडी ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस विषय का अध्ययन करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जो जनसांख्यिकीय बदलावों की जांच करेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि “घुसपैठियों को भारत छोड़कर जाना होगा।”
संथाल परगना के आंकड़ों का दिया हवाला
अपने भाषण में उन्होंने संथाल परगना की जनसंख्या के पुराने और वर्तमान आंकड़ों का जिक्र किया। उनका कहना था कि वर्ष 1951 में इस क्षेत्र में आदिवासियों की आबादी लगभग 44 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 28 प्रतिशत रह गई है। वहीं मुस्लिम आबादी 8-9 प्रतिशत से बढ़कर करीब 22 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने इसे चिंता का विषय बताते हुए कहा कि आखिर इतने बड़े बदलाव के पीछे क्या कारण हैं, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
एनआरसी और एसआईआर लागू करने की वकालत
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 2003 के बाद जो लोग अवैध रूप से देश में आए हैं, उन्हें एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से चिन्हित कर बाहर किया जाना चाहिए। वहीं उससे पहले आए लोगों के लिए एनआरसी लागू करने पर विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले लोग घुसपैठ के मुद्दे को स्वीकार नहीं करते थे, लेकिन अब स्थिति इतनी स्पष्ट हो चुकी है कि आम लोग भी इसे महसूस करने लगे हैं।
राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
घुसपैठ के मुद्दे के अलावा मरांडी ने झारखंड सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है। भ्रष्टाचार, अपराध और प्रशासनिक अव्यवस्था ने व्यवस्था को कमजोर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान किए गए कई बड़े वादे आज भी अधूरे हैं। महिलाओं को आर्थिक सहायता, सस्ती गैस सिलेंडर योजना, किसानों को उचित समर्थन मूल्य और 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने जैसे वादे सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रह गए हैं।
“वोट बैंक की राजनीति से बढ़ रही समस्या”
मरांडी ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के आधार कार्ड और वोटर कार्ड बनवाए जा रहे हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा और सामाजिक संतुलन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
कार्यकर्ताओं को दिया संगठन मजबूत करने का मंत्र
कार्यक्रम के अंत में बाबूलाल मरांडी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी की नीतियों और केंद्र सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से राज्य सरकार की कथित विफलताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का आह्वान किया। समापन समारोह में मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी ताकत से काम करने का संकल्प लिया।
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