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Ranchi : शनिवार की सुबह Bishop Hartmann Academy का माहौल रोज से कुछ अलग था। स्कूल में कदम रखते ही उत्साह और उमंग दिखाई दे रही थी। कहीं बच्चे कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे तो कहीं शिक्षक भी मुस्कुराते हुए बच्चों की तैयारियां देख रहे थे। मौका था शिक्षक दिवस का। बच्चों के लिए यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन शिक्षकों को धन्यवाद कहने का दिन था, जो हर दिन उन्हें पढ़ाने के साथ ही जिंदगी में आगे बढ़ने की राह दिखाते हैं।
भारत के महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर विद्यालय में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद जैसे ही विद्यार्थियों ने मंच संभाला, पूरा माहौल तालियों से गूंज उठा।

गीत, नृत्य और भाषण से बच्चों ने बयां की दिल की बात
शिक्षकों के सम्मान में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों में केवल कला ही नहीं, बल्कि अपने शिक्षकों के लिए उनके मन में छिपा सम्मान और अपनापन भी नजर आया। किसी ने गीत के जरिए अपने गुरु को धन्यवाद कहा तो किसी ने भाषण में बताया कि शिक्षक उनके जीवन में कितनी बड़ी भूमिका निभाते हैं। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए यह संदेश भी दिया कि शिक्षक केवल किताबों का पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन और सही-गलत की समझ भी देते हैं। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास देखते ही बन रहा था। कुछ विद्यार्थी पहली बार इतने बड़े मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे, फिर भी उनके चेहरे पर झिझक से ज्यादा उत्साह नजर आया। हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट बच्चों का हौसला बढ़ा रही थी। शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों की प्रतिभा देखकर खुश नजर आए।

प्रधानाचार्य ने बताया- बच्चों के भविष्य की नींव रखते हैं शिक्षक
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का काम केवल कक्षा में पाठ पढ़ाकर पूरा नहीं हो जाता। शिक्षक बच्चों को जीवन की चुनौतियों का सामना करना सिखाते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार करते हैं। बच्चों की सफलता के पीछे उनके माता-पिता के साथ शिक्षकों की मेहनत और मार्गदर्शन का भी बड़ा योगदान होता है। समारोह के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच का यह रिश्ता कई मौकों पर साफ दिखाई दिया। बच्चों के चेहरे पर अपने शिक्षकों के लिए सम्मान था, वहीं शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को देखकर गर्व महसूस कर रहे थे।

शिक्षक भी बने कार्यक्रम का हिस्सा
शिक्षक दिवस का कार्यक्रम सिर्फ विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहा। समारोह के दौरान शिक्षकों के लिए भी कई मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। रोज कक्षा में बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक जब खुद इन गतिविधियों में शामिल हुए तो माहौल और भी खुशनुमा हो गया। पूरे विद्यालय परिसर में दिनभर उत्साह और उमंग बनी रही। बच्चों के लिए यह दिन अपने शिक्षकों के प्रति आभार जताने का अवसर था, तो शिक्षकों के लिए अपने विद्यार्थियों के साथ कुछ यादगार पल बिताने का।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके साथ ही शिक्षक दिवस समारोह का सफलतापूर्वक समापन हुआ। लेकिन मंच से उतरने के बाद भी बच्चों की प्रस्तुतियों और तालियों की गूंज जैसे विद्यालय के माहौल में बनी रही।
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