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Pakur (Jaydev Kumar) : भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती यानी इंजीनियर दिवस के मौके पर पाकुड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज का माहौल बिल्कुल अलग था। सभागार में जब उनकी तस्वीर पर फूल-माला चढ़ाये गए तो पूरे वातावरण में एक अद्भुत ऊर्जा फैल गई। कार्यक्रम की शुरुआत जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पूर्ति, कॉलेज की प्राचार्य सुषमा यादव और प्रशासनिक पदाधिकारी निखिल चंद्रा के हाथों हुई। सबने एक साथ एक आवाज में कहा… विश्वेश्वरैया न सिर्फ अभियंता थे, बल्कि भारतीय समाज को नई दिशा देने वाले दूरदर्शी व्यक्तित्व थे। उनकी तकनीकी प्रतिभा और योजनाएं आज भी युवाओं को प्रेरणा देती हैं।
पांच ब्रांच के छात्रों ने तैयार किए 33 मॉडल
कॉलेज के पांचों ब्रांचों के छात्रों ने इस दिन के लिए महीनों मेहनत की थी। परिणामस्वरूप कुल 33 तकनीकी और विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में रखे गए। कहीं नवीकरणीय ऊर्जा का मॉडल था तो कहीं स्मार्ट सिंचाई प्रणाली। छात्रों की आंखों में चमक थी… यह सिर्फ मॉडल नहीं, बल्कि उनके सपनों की झलक थी।

डीईओ ने बढ़ाया हौसला
प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने छात्रों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा—“यदि युवा पीढ़ी विश्वेश्वरैया के जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़े, तो भारत को तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में कोई पीछे नहीं कर सकता।” यह बात छात्रों के मनोबल को और बढ़ा गई।

भविष्य के सपनों की झलक
इन मॉडलों को सिर्फ एक प्रदर्शनी तक सीमित न रखकर, धरातल पर उतारने का लक्ष्य छात्रों ने तय किया है। उनका विश्वास है कि आने वाले समय में ये मॉडल बाजार और समाज के लिए मिसाल साबित होंगे। इंजीनियर दिवस का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भविष्य की उन संभावनाओं की झलक भी थी, जो पाकुड़ जैसे छोटे शहर से निकलकर बड़े बदलाव की राह बना सकती हैं। सचमुच, युवाओं की सोच और मेहनत ही विश्वेश्वरैया की असली विरासत है।

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