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Pakur (Jaydev Kumar) : असम राज्य में रहने वाले आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का अध्ययन करने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक उच्चस्तरीय टीम का गठन किया है। यह जानकारी पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने दी। उन्होंने बताया कि यह फैसला मुख्यमंत्री और झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन के निर्देश पर लिया गया है। टीम को जल्द असम जाकर वहां की जमीनी स्थिति का अध्ययन करने को कहा गया है।
टीम में सांसद, मंत्री और विधायक शामिल
गठित टीम में चार सदस्य शामिल किए गए हैं। इनमें झारखंड सरकार के मंत्री चमरा लिंडा, राजमहल के सांसद विजय कुमार हांसदा, राजमहल विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन उर्फ एमटी राजा और गुमला विधायक भूषण तिर्की शामिल हैं। पार्टी की ओर से जारी पत्र में सभी सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे असम जाकर वहां के आदिवासी समुदाय से मुलाकात करें, उनकी समस्याएं समझें और मौजूदा हालात का गहन अध्ययन करें।
10 दिनों में मुख्यमंत्री को सौंपनी होगी रिपोर्ट
टीम को कहा गया है कि वह असम दौरे के बाद 10 दिनों के भीतर अपनी लिखित रिपोर्ट मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपे। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे आदिवासी समुदाय के हितों की रक्षा और उनके अधिकारों को लेकर कदम उठाए जा सकते हैं।
कार्यकर्ताओं ने जताया खुशी और आभार
राजमहल क्षेत्र से सांसद और विधायक को इस टीम में शामिल किए जाने पर झामुमो के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने खुशी जताई है। उन्होंने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी और उनकी आवाज को और प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा।
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