Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Wednesday, 4 November, 2026 • 10:55 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » विकास के रास्ते में निजी स्वार्थ का रोड़ा, किसे रास नहीं आ रही तरक्की की आहट
झारखंड

विकास के रास्ते में निजी स्वार्थ का रोड़ा, किसे रास नहीं आ रही तरक्की की आहट

December 18, 2025No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
अदाणी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto

auto

Hazaribagh (Badkagaon) : सुबह का वक्त और बड़कागांव के एक छोटे से गांव में कुछ युवा रोज की तरह तैयारी में जुटे दिखे। कोई प्रतियोगी परीक्षा की किताब खोलकर बैठा, तो कोई सिलाई मशीन पर काम कर रही महिला की मदद कर रहा। कुछ साल पहले तक यही युवा रोजगार की तलाश में बाहर जाने की सोचते थे। आज उनके गांव में ही उम्मीद ने आकार लेना शुरू किया है। यह बदलाव गोंदुलपारा खनन परियोजना से पहले शुरू हुई सामाजिक पहलों का नतीजा बताया जा रहा है। पिछले चार वर्षों में अदाणी फाउंडेशन की ओर से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों ने कई परिवारों की जिंदगी में धीरे-धीरे बदलाव लाया है।

जब पढ़ाई और नौकरी गांव तक पहुंची

इलाके के युवाओं के लिए अदाणी फाउंडेशन के निशुल्क कोचिंग, अग्निवीर, पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की तैयारी, और जॉब फेयर जैसे मौके पहली बार गांव तक पहुंचे। कई युवाओं को रोजगार मिला, तो कई आज भी बेहतर भविष्य की तैयारी कर रहे हैं। एक स्थानीय युवक कहता है, “पहले लगता था कि आगे बढ़ने के लिए गांव छोड़ना ही पड़ेगा। अब यहां रहकर भी कुछ बनने की उम्मीद जगी है।”

इलाज और शिक्षा ने बढ़ाया भरोसा

अदाणी फाउंडेशन के पहल के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में भी बदलाव महसूस किया गया। नियमित नि:शुल्क मेडिकल कैंप, मुफ्त दवाइयां और जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस सुविधा ने ग्रामीणों की चिंता कम की। बुजुर्गों का कहना है कि पहले इलाज के लिए दिनभर की मजदूरी छोड़कर शहर जाना पड़ता था, अब गांव के पास ही इलाज हो जाता है। बच्चों के लिए स्कॉलरशिप ने कई परिवारों का बोझ हल्का किया है। माता-पिता कहते हैं कि अब पैसों की वजह से बच्चों की पढ़ाई रुकने का डर कम हुआ है।

महिलाओं की बदलती भूमिका

गांव की महिलाओं के लिए यह बदलाव और भी खास है। सिलाई, छोटे व्यवसाय और स्वरोजगा से जुड़ने के बाद कई महिलाएं पहली बार अपनी कमाई घर ला रही हैं। इससे न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरी है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

उम्मीदों के बीच बढ़ता दबाव

लेकिन इस सकारात्मक बदलाव के साथ एक कड़वी सच्चाई भी सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते इन प्रयासों का विरोध कर रहे हैं। लाभ पाने वाले युवाओं और उनके परिवारों पर दबाव बनाने की बातें सामने आ रही हैं। कुछ युवाओं का कहना है कि उन्हें नौकरी छोड़ने और गांव लौट आने की धमकियां दी गईं। समाज से अलग करने की बात भी कही गई। यह डर अब कई घरों की चिंता बन चुका है।

विरोध के पीछे छिपे हित

गांव में चर्चा है कि विरोध करने वाले कुछ लोगों के हित अवैध कोयला खनन, बालू कारोबार और ईंट-भट्ठों से जुड़े हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि कानूनसम्मत परियोजनाओं के आने से ऐसे अवैध कामों पर असर पड़ेगा, इसलिए डर और भ्रम फैलाया जा रहा है।

प्रशासन से लोगों की उम्मीद

अब बड़कागांव और आसपास के गांवों में एक ही सवाल गूंज रहा है। क्या विकास की इस राह को निजी स्वार्थ की भेंट चढ़ा दिया जाएगा? ग्रामीणों की चाह है कि लाभार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और जो योजनाएं कानून के दायरे में हैं, उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए। गोंदुलपारा का मामला सिर्फ एक परियोजना का नहीं है। यह उन युवाओं, महिलाओं और बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल है, जिन्होंने पहली बार अपने गांव में आगे बढ़ने का सपना देखा है। वहीं, मीडिया वालों से बातचीत के दरम्यान पुलिस के एक आला अधिकारी ने कहा है कि ऐसी कोई शिकायत अब तक नहीं मिली है। अगर कोई ग्रामीण लिखित में शिकायत करता है, तो कार्रवाई की जाएगी।

इसे भी पढ़ें : तीन महीने की अदाणी स्किल ट्रेनिंग और जिंदगी भर का सहारा… जानें

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleचाची की डांट और इंसल्ट से कर बैठा बड़ा गुनाह… जानें क्या
Next Article ऐतिहासिक जीत से चमका झारखंड, सीएम हेमंत ने टीम को सराहा

Related Posts

Headlines

अलर्ट मोड में रामगढ़ के ‘प्रहरी’, आधी रात सड़कों पर उतरी खाकी तो मची खलबली

November 4, 2026
Headlines

JE भर्ती पेपर लीक में बड़ा खुलासा- जिस पर था परीक्षा कराने का दारोमदार, वही IITian निकला ‘मास्टरमाइंड’

November 4, 2026
झारखंड

जेसोवा मेले का शानदार समापन, प्रीति बोलीं- बाजार तो बहाना है, असल मकसद महिलाओं को ताकतवर बनाना है

November 3, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

अलर्ट मोड में रामगढ़ के ‘प्रहरी’, आधी रात सड़कों पर उतरी खाकी तो मची खलबली

November 4, 2026

JE भर्ती पेपर लीक में बड़ा खुलासा- जिस पर था परीक्षा कराने का दारोमदार, वही IITian निकला ‘मास्टरमाइंड’

November 4, 2026

राशिफल @ 04 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 4, 2026

जेसोवा मेले का शानदार समापन, प्रीति बोलीं- बाजार तो बहाना है, असल मकसद महिलाओं को ताकतवर बनाना है

November 3, 2026

अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान- 2027 में खुद नहीं लड़ेंगे यूपी विधानसभा चुनाव

November 3, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.