अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : पतरातू स्थित पीटीपीएस कॉलेज में मंगलवार को CISF यानी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की ओर से अग्निशमन सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सीआईएसएफ की टीम ने कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के सामने लाइव डेमोंस्ट्रेशन दिया और आपात स्थिति से निपटने के गुर सिखाए। कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों को आग पर काबू पाने, बचाव के तरीके और प्राथमिक उपचार की बारीकियां समझाई गईं।
दीपावली पर बरतें सावधानी, पटाखे जलाते समय बच्चों पर रखें नजर
CISF यूनिट के प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि त्योहारों के मौसम में अक्सर लापरवाही के कारण आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं। आने वाले दिनों में दीपावली का पर्व है, ऐसे में घरों के आसपास पटाखे जलाते वक्त विशेष सतर्कता जरूरी है। टीम ने सलाह दी कि किसी भी तरह के ज्वलनशील पदार्थ को पटाखों और दीयों से दूर रखें। पटाखे हमेशा खुले मैदान या सुरक्षित जगह पर ही जलाएं और छोटे बच्चों को कभी अकेले पटाखे न फोड़ने दें, बल्कि बड़े हमेशा साथ रहें। प्रशिक्षकों ने यह भी कहा कि अगर कोई अनहोनी हो जाए तो घबराने की जगह संयम से काम लें और तुरंत आसपास के लोगों व फायर ब्रिगेड को सूचित करें।

लाइव डेमो से समझाए आग बुझाने के तरीके और निकासी के नियम
शिविर के दौरान अग्निशमन दल ने विद्यार्थियों को आग के अलग-अलग प्रकारों और उनके लगने के मुख्य कारणों की जानकारी दी। साथ ही कॉलेज परिसर में रखे और आम तौर पर मिलने वाले अग्निशमन उपकरणों को चलाने का तरीका भी दिखाया। आपात स्थिति में किसी इमारत से सुरक्षित बाहर निकलने यानी इवैक्यूएशन की सही प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। जवानों ने स्पष्ट किया कि थोड़ी सी लापरवाही बहुत बड़े हादसे की वजह बन सकती है, इसलिए आग से बचाव के बुनियादी नियमों की समझ हर युवा को होनी चाहिए।
प्राचार्य ने की CISF की पहल की सराहना
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कुमार मनोज ने कहा कि सीआईएसएफ की टीम ने जिस व्यावहारिक तरीके से बच्चों को सुरक्षा के उपाय सिखाए हैं, उससे छात्रों में काफी जागरूकता आएगी। उन्होंने इस उपयोगी आयोजन के लिए अग्निशमन टीम का आभार जताया। कार्यक्रम में कॉलेज की एनएसएस यूनिट 2 का भी सक्रिय योगदान रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता इतिहास विभाग के डॉ. नंद कुमार ने की। इस मौके पर डिप्टी कमांडेंट संजीव कुमार सद्दी, डॉ. वीरेश कुमार, प्रो. जयशंकर ठाकुर, डॉ. विजय कुमार सिंहा, डॉ. शकील अहमद, डॉ. पुष्पा, एनएसएस प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. बच्चनदेव राय और अजीत कुमार समेत बड़ी संख्या में शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें : ‘हुजूर, हम रोज बिना गिरे स्कूल जाना चाहते हैं, रास्ता बनवा दीजिए’… सुन दरक गया कलेजा



