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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : हर दिन अखबार के पन्नों पर छपती सड़क हादसों की खबरें अक्सर हमें डरा देती हैं। कभी तेज रफ्तार, तो कभी बिना हेलमेट और सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने की लापरवाही किसी न किसी परिवार की खुशियां छीन लेती है। लेकिन इस तस्वीर को बदलने का बीड़ा अब हमारे देश के युवाओं ने उठा लिया है।
रामगढ़ के राधा गोविन्द विश्वविद्यालय में बुधवार का दिन कुछ अलग और खास रहा। यहाँ के फिजिक्स डिपार्टमेंट की पहल पर कैंपस में ‘सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। मकसद बिल्कुल साफ था… युवाओं को यह समझाना कि सड़क पर थोड़ी सी सावधानी कैसे किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है।
रफ्तार पर ब्रेक और नियमों का टेक… जब छात्रों ने समझा सुरक्षा का गणित
अक्सर देखा जाता है कि बाइक स्टार्ट करते ही युवा रफ्तार के दीवाने हो जाते हैं। इसी सोच को बदलने के लिए कार्यक्रम में ट्रैफिक रूल्स से जुड़े हर पहलू पर खुलकर बात हुई।
- सुरक्षा के बुनियादी हथियार : हेलमेट और सीट बेल्ट को महज चालान से बचने का जरिया न मानकर जिंदगी की ढाल बनाने पर जोर दिया गया।
- सिग्नल और स्पीड : सही स्पीड लिमिट में गाड़ी चलाने और रोड साइन्स (यातायात संकेतों) का सही मतलब समझने की सलाह दी गई।
- युवाओं की आवाज : सिर्फ टीचर्स ने ही नहीं, बल्कि फिजिक्स डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने भी माइक संभालकर अपने साथियों को अनुशासित ड्राइविंग अपनाने का संदेश दिया।
“नियम सिर्फ कानून नहीं, अपनों की सुरक्षा का वादा हैं”
कार्यक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी के दिग्गजों ने भी छात्रों का हौसला बढ़ाया और उन्हें उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया।
कुलाधिपति बीएन साह ने कहा, “सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक और जिम्मेदार युवा ही एक सुरक्षित और विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव रखते हैं।”
यूनिवर्सिटी की सचिव प्रियंका कुमारी ने बेहद भावनात्मक अंदाज में कहा कि सड़क सुरक्षा कोई सरकारी कायदा-कानून नहीं है, बल्कि यह खुद की और दूसरों की जिंदगी बचाने का संकल्प है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे इस सीख को सिर्फ अपने तक न रखें, बल्कि अपने घर, दोस्तों और पूरे समाज में फैलाएं।
एक साथ उठे दर्जनों हाथ और गूंजी सुरक्षा की शपथ
कैंपस के सभागार में माहौल तब और गंभीर हो गया जब वहां मौजूद हर शख्स ने एक सुर में ट्रैफिक नियमों को पूरी ईमानदारी से मानने की कसम खाई।
इस मौके पर यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. (डॉ.) रश्मि, कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार और प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार मौजूद रहे।
फिजिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. डीके कुशवाहा ने कहा कि अगर हमारे देश का युवा जागरूक हो जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में भारी गिरावट लाई जा सकती है। कार्यक्रम को यादगार और सफल बनाने में राहुल चंद्र मंडल का खास योगदान रहा, जिनकी तारीफ पूरे डिपार्टमेंट ने की।
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