Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Sunday, 3 May, 2026 • 07:40 pm
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » एक पद के लिए दो तरह के वेतनमान नहीं दे सकती सरकार: हाई कोर्ट
रांची

एक पद के लिए दो तरह के वेतनमान नहीं दे सकती सरकार: हाई कोर्ट

July 9, 2022No Comments2 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

रांची: झारखंड हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति डॉ एसएन पाठक की कोर्ट ने शनिवार को राज्य के विश्वविद्यालयों में रीडर के दो वेतनमान से संबंधित याचिका पर आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक ही पद के लिए राज्य सरकार दो तरह के वेतनमान नहीं दे सकती। अप्रैल 1989 के बाद प्रोन्नति पाकर बने रीडर को भी ऊंचा वेतनमान देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने संजय चक्रवर्ती व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया है कि प्राथियों को 01 जनवरी, 1996 से बकाया का भुगतान किया जाये। इन्हें प्रशांत कुमार मिश्रा के मामले में हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए भुगतान किया जाये। मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को निर्धारित की है। दरअसल, राज्य के विश्वविद्यालयों में रीडर का दो वेतनमान राज्य सरकार की ओर से दिया जा रहा था। जबकि यूजीसी ने रीडर पद के लिए एक ही वेतनमान निर्धारित किया है। राज्य सरकार की ओर से वैसे रीडर को ऊंचा वेतनमान दिया जा रहा था जिनकी प्रोन्नति एक अप्रैल 1989 के पूर्व मिली थी। उसके बाद प्रोन्नति पाकर बने रीडर के लिए अलग वेतनमान निर्धारित किया गया था। रीडर पद के लिए दो वेतनमान को लेकर इससे पहले प्रशांत कुमार मिश्रा एवं अन्य की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गयी थी, जिसपर कोर्ट ने आदेश दिया कि रीडर का एक ही वेतनमान होगा, जिसका मूल वेतनमान 3700- 5700 होगा। हालांकि, बाद में रिप्लेसमेंट पे स्केल 12000- 18300 हो गया।
हाई कोर्ट के इस आदेश को राज्य सरकार ने खंडपीठ में चुनौती दी, जिसमें प्रार्थियों के पक्ष में फैसला आया। इसके बाद सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसमें फिर प्राथियों के पक्ष में फैसला आया। इसी फैसले का जिक्र करते हुए संजय चक्रवर्ती व अन्य ने हाई कोर्ट में रीडर पद का ऊंचा वेतनमान देने को लेकर याचिका दायर की है, जिसपर कोर्ट ने आदेश दिया है कि रीडर को एक ही वेतनमान होगा और प्राथियों के एरियर का भुगतान करने को कहा है।

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Articleयुवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए अभियान शुरू करेगा संघ
Next Article छवि रंजन हटाए गए, राहुल सिन्हा बने रांची के नए डीसी, इन जिलों के भी डीसी बदले

Related Posts

Headlines

भर्ती में धांधली का खत्म खेल, अब सीधे जेल… सीएम योगी का कड़ा ऐलान

May 3, 2026
झारखंड

सीएम हेमंत ने राष्ट्रपति-पीएम को लिखा पत्र, जनगणना 2027 में सरना कोड का आग्रह

May 3, 2026
Headlines

ओडिशा बैंक के 8 किलो सोना लूटकांड की खबर से मिला क्लू, फिर बरही में बोल दिया धावा, SP खोल गये राज… देखें वीडियो

May 3, 2026
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

IFFCO में करियर बनाने का मौका, डिप्लोमा और B.Sc वालों के लिए शानदार Vacancy

May 3, 2026

भर्ती में धांधली का खत्म खेल, अब सीधे जेल… सीएम योगी का कड़ा ऐलान

May 3, 2026

सीएम हेमंत ने राष्ट्रपति-पीएम को लिखा पत्र, जनगणना 2027 में सरना कोड का आग्रह

May 3, 2026

ओडिशा बैंक के 8 किलो सोना लूटकांड की खबर से मिला क्लू, फिर बरही में बोल दिया धावा, SP खोल गये राज… देखें वीडियो

May 3, 2026

भोर के सन्नाटे में एनकाउंटर, बीजेपी नेता के भांजे के ह’त्यारे का चैप्टर क्लॉज

May 3, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Forever Infotech.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.