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Ranchi/Chatra : दिसंबर की ठिठुरन जब हड्डियों तक असर डालने लगती है, तब गांवों में सबसे ज्यादा मुश्किल बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को झेलनी पड़ती है। चतरा के कल्याणपुर ग्राम पंचायत के पीएवी नैपरम और दुंदुवा गांवों में भी ठंड अपने पूरे तेवर में है। ऐसे समय में NTPC नॉर्थ करणपुरा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की पहल ग्रामीणों के लिए फरिश्ता बनकर सामने आई।
400 कंबल सिर्फ सामान नहीं, बल्कि भरोसा
NTPC नॉर्थ करणपुरा ने अपनी सीएसआर योजना के तहत दोनों गांवों में 400 कंबल बांटे। यह कार्यक्रम पंचायत के मुखिया महेश मुंडा की मौजूदगी में हुआ। कंबल पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर जो सुकून दिखा, वह बता गया कि यह मदद सिर्फ एक सामग्री नहीं, बल्कि समय पर दिया गया सहारा है।

ग्रामीणों की जुबानी राहत की कहानी
कंबल पाकर कई बुजुर्गों की आंखों में संतोष साफ झलक रहा था। किसी ने कहा कि अब रात की ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी, तो किसी मां ने अपने बच्चों के लिए चिंता कम होने की बात कही।गांव की एक बुजुर्ग महिला ने कंबल को सीने से लगाते हुए कहा कि रात की ठंड अब उतनी नहीं सताएगी। ऐसे कई चेहरे थे, जिन पर राहत की मुस्कान दिख रही थी। किसी के लिए यह कंबल सर्द रातों की सुरक्षा था, तो किसी के लिए यह एहसास कि वे अकेले नहीं हैं। ग्रामीणों ने एक स्वर में एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा के प्रति आभार जताया और कहा कि ऐसी पहल मुश्किल वक्त में हौसला बढ़ाती है।
ठंड में मिली उम्मीद की चादर
एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा की यह पहल परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के प्रति उसकी जिम्मेदारी को दर्शाती है। सामुदायिक कल्याण और समावेशी विकास की सोच के साथ किया गया यह प्रयास यह संदेश देता है कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। कल्याणपुर पंचायत के इन गांवों में बंटे कंबल सिर्फ ठंड से बचाव का साधन नहीं बने, बल्कि उन्होंने यह भरोसा भी दिया कि जरूरत के समय कोई साथ खड़ा है। एनटीपीसी नॉर्थ करणपुरा की यह मानवीय पहल आने वाले दिनों में भी ग्रामीणों के बीच याद की जाएगी।

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