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तुरई में विटामिन A, C, आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। वहीं विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं।
स्टडीज के मुताबिक, तुरई वजन घटाने में मददगार हो सकती है क्योंकि इसमें कैलोरी बेहद कम होती है और फाइबर ज्यादा होता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। इसके अलावा इसमें पोटेशियम की मात्रा पर्याप्त होती है, जो दिल को स्वस्थ रखती है और शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखती है। गर्मियों में यह एक नेचुरल कूलर की तरह काम करती है।
डॉ. तिवारी बताती हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति रोजाना 100-150 ग्राम पकी तुरई खा सकता है। इसे सब्जी, सूप, सलाद या यहां तक कि अचार और चिप्स के रूप में भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। हालांकि तुरई को अधिक देर तक पकाने से इसके पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
सावधानी के तौर पर, जिन लोगों को तुरई से एलर्जी या पेट की समस्या होती है, उन्हें इसका सीमित सेवन करना चाहिए। प्रेग्नेंट और ब्रेस्टफीडिंग महिलाएं भी इसे संयमित रूप से खाएं।

