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UP : करीब दो दशक से लगातार समाज सेवा में सक्रिय दारासिंह यादव का नाम अब इलाके में एक पहचान बन चुका है। 2005 से लेकर आज तक उन्होंने जिस तरह अलग-अलग मुद्दों पर काम किया है, उसे लेकर अब लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सवाल यह उठ रहा है कि इतने लंबे समय तक जमीन पर काम करने वाले व्यक्ति को क्या जनता का समर्थन मिलना चाहिए।
गरीब बच्चों की पढ़ाई से लेकर नौकरी तक मदद
दारासिंह यादव ने कई गरीब बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा उठाया। उन्हें सिर्फ पढ़ाया ही नहीं, बल्कि सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने तक सहयोग किया। इससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ।
छोटे रोजगार से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश
उन्होंने कुछ लोगों को सब्जी और फल की दुकान लगवाने में मदद की। ठेला दिलवाकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का मौका दिया। ऐसे कई लोग आज खुद कमाकर अपना परिवार चला रहे हैं।
इंसानियत के काम में हमेशा आगे
सड़क हादसों में घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने का काम भी उन्होंने कई बार किया। कई ऐसे मामले सामने आए, जहां समय पर मदद मिलने से लोगों की जान बच गई।
इलाज के लिए खुद भी मदद, दूसरों से भी कराई सहायता
गरीब मरीजों के इलाज के लिए खुद पैसे दिए और समाज के अन्य लोगों से भी मदद दिलाई। कई परिवारों के लिए यह सहारा काफी बड़ा साबित हुआ।
सड़कों की बदहाली पर किया संघर्ष
मोहनलालगंज क्षेत्र में खराब सड़कों को लेकर उन्होंने आंदोलन किया। जल समाधि जैसे तरीके अपनाकर प्रशासन का ध्यान खींचा। इसके बाद कई मुख्य सड़कों का निर्माण कराया गया, जिससे लोगों को राहत मिली।
बिजली की समस्या उठाई
अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ में बिजली कटौती की समस्या को भी उन्होंने मजबूती से उठाया और समाधान के लिए लगातार प्रयास किए।
युवाओं को ठगी से बचाने की पहल
नौकरी के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ आवाज उठाई। कई युवाओं का पैसा वापस करवाने में मदद की।
हर मुद्दे पर मीडिया के जरिए आवाज
राज्य की विभिन्न समस्याओं को लेकर उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखी और लोगों की समस्याओं को सामने लाने की कोशिश की।
पीड़ित परिवारों के साथ खड़े रहे
किसी भी घटना के बाद पीड़ित परिवारों से मिलना और उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करना उनकी पहचान बन चुकी है।
बेटियों की शादी में भी दिया सहयोग
गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक मदद देकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।
किसानों और ड्राइवरों के मुद्दे पर खुलकर समर्थन
किसानों के आंदोलन में समर्थन दिया। ड्राइवरों के खिलाफ बने कानून का भी विरोध किया और उनकी आवाज बनने की कोशिश की।
महिलाओं के शोषण के खिलाफ उठाई आवाज
घरों में काम करने वाली महिलाओं को समय पर वेतन मिले और उनका शोषण न हो, इसके लिए भी उन्होंने पहल की।
कच्चे घरों को पक्का कराने में मदद
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर कई लोगों के कच्चे घरों को पक्का मकान बनवाने में मदद की।
सड़क और अस्पताल व्यवस्था पर लगातार काम
2017 के बाद उन्होंने सड़कों की मरम्मत और अस्पतालों में बेहतर इलाज को लेकर लगातार आवाज उठाई।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान
छुआछूत खत्म करने, नशे के खिलाफ अभियान चलाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय रहे।
नकली दवाइयों और गलत कामों के खिलाफ लड़ाई
नकली दवाइयों और मिलावटी सामान के खिलाफ भी लगातार लोगों को जागरूक किया और कार्रवाई की मांग की।
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