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Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश में दिव्यांगजनों को मिलने वाली पेंशन की रकम एक बार फिर बढ़ाई जा सकती है। गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजन पेंशन की राशि बढ़ाने का आश्वासन दिया है। इससे प्रदेश के लाखों दिव्यांग पेंशनभोगियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पेंशन की नई राशि कितनी होगी और इसे कब से लागू किया जाएगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। प्रदेश में दिव्यांगजनों को पहले हर महीने 300 रुपये पेंशन मिलती थी। सरकार ने समय के साथ इसमें बढ़ोतरी की और पेंशन की राशि पहले 500 रुपये तथा बाद में बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दी गई। अब सरकार एक बार फिर इसमें इजाफा करने की तैयारी में है। नई राशि लागू होने के बाद पेंशन पाने वाले लोगों को हर महीने पहले की तुलना में ज्यादा आर्थिक मदद मिलेगी।
18 मंडलों में बनेंगे दिव्यांग पुनर्वास केंद्र
सरकार दिव्यांगजनों को पेंशन के साथ दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। इसके लिए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के हिसाब से पुनर्वास, प्रशिक्षण और दूसरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। गोरखपुर में सीतापुर आई हॉस्पिटल परिसर में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की शुरुआत भी हो चुकी है। सरकार का उद्देश्य है कि दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें स्थानीय स्तर पर जरूरी सहायता मिल सके।
दृष्टिबाधित और मूकबधिर बच्चों के लिए चल रहे राजकीय विद्यालयों, मनोविकास केंद्रों और कौशल विकास केंद्रों को भी मजबूत किया जा रहा है। इन संस्थानों के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के साथ जरूरी प्रशिक्षण और आश्रय उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। छोटे बच्चों के लिए संचालित बचपन डे केयर सेंटर का भी विस्तार किया जाएगा, ताकि परिवारों को बच्चों की देखभाल और प्रशिक्षण में मदद मिल सके।
हर विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे विशेष शिविर
वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मकसद ऐसे दिव्यांगजनों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, जो किसी वजह से अब तक पेंशन या दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं। शिविरों में पात्र लोगों की पहचान करने के साथ उन्हें जरूरी दस्तावेज और योजनाओं से जोड़ने में मदद की जाएगी। सरकार के अनुसार प्रदेश में अब तक 17 लाख से अधिक दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड बनाए जा चुके हैं। यूडीआईडी कार्ड के जरिए दिव्यांगजनों की पहचान और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ देने की प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।
दिव्यांग बच्चों के इलाज और पुनर्वास पर भी सरकार की ओर से सहायता दी जा रही है। कॉक्लियर इंप्लांट के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद का प्रावधान है। इसके साथ ही स्पीच थेरेपी में भी सहयोग दिया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि दिव्यांग बच्चों को समय पर इलाज और प्रशिक्षण मिले, ताकि वे आगे चलकर अपनी क्षमता के अनुसार पढ़ाई और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
रोजगार से जोड़ने पर भी जोर
दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए सीएम युवा, पीएम स्वनिधि और मुद्रा जैसी योजनाओं से दिव्यांग युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से पात्र युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता और अन्य जरूरी सहयोग मिल सकता है। सरकार का फोकस केवल पेंशन देने तक सीमित नहीं है। पेंशन में प्रस्तावित बढ़ोतरी के साथ पुनर्वास केंद्र, विशेष शिविर, शिक्षा, इलाज, प्रशिक्षण और रोजगार की सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। अगर पेंशन की नई राशि की आधिकारिक घोषणा होती है, तो इसका सीधा असर प्रदेश के लाखों दिव्यांग पेंशनभोगियों की मासिक आर्थिक मदद पर पड़ेगा।



