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News Samvad : आपने कई लोगों को पैंट की पिछली जेब में वॉलेट रखते देखा होगा। यह आदत देखने में साधारण लगती है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह रीढ़ की हड्डी और शरीर के संतुलन पर बुरा असर डाल सकती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग पिछली जेब में वॉलेट रखकर बैठते हैं, उनका पेल्विस एक ओर झुकने लगता है। इससे रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन आ सकता है। लंबे समय में यह आदत पीठ और कमर दर्द के साथ साइटिका जैसी बीमारियों का कारण बन सकती है। इस समस्या को मेडिकल भाषा में फैट वॉलेट सिंड्रोम कहा जाता है।
विशेषज्ञ की राय
अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. मिहिर थानवी बताते हैं कि वॉलेट रखने से बैठने की पोजिशन असमान हो जाती है। इससे शरीर का भार बराबर नहीं बंटता और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वॉलेट जितना मोटा होगा, परेशानी उतनी ज्यादा हो सकती है।
किन्हें है ज्यादा खतरा?
लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोग
पहले से कमर या रीढ़ की समस्या वाले लोग
हिप और पैरों में दर्द से परेशान लोग
मोटा और भारी वॉलेट रखने वाले लोग
कैसे बचें इस आदत से?
वॉलेट को सामने की जेब, जैकेट या बैग में रखें।
वॉलेट हल्का रखें और सिर्फ जरूरी चीजें ही साथ रखें।
लंबे समय तक एक ही पोजिशन में न बैठें, बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करें।
दर्द बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
वॉलेट में क्या रखें, क्या नहीं?
रखें: थोड़ा कैश, रोजाना इस्तेमाल होने वाला कार्ड, एक पहचान पत्र।
न रखें: सभी कार्ड एक साथ, PAN कार्ड या पासपोर्ट की कॉपी, पिन-पासवर्ड, ज्वेलरी बिल और बेकार पर्चियां।
डॉक्टरों की सलाह है कि इस आदत को समय रहते बदल लेना चाहिए, ताकि भविष्य में बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
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