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Ranchi (Sanjay Kapardar) : रांची का कडरू पेरिश रविवार को कुछ अलग सा नजारा था। प्रार्थना के स्वर, युवाओं की ऊर्जा और स्तुति गीतों की मधुर धुनें पूरे परिसर को भक्तिमय बना रही थीं। अवसर था डायसीस युवा प्रभुवार का, जिसे युवाओं और महिलाओं ने मिलकर विशेष ढंग से मनाया। सुबह की आराधना में युवाओं ने आगे आकर पाठ पढ़े और प्रार्थनाएँ कीं। उनके स्वर में आस्था की गहराई और ऊर्जा की झलक थी। पेरिश के वयोवृद्ध भी इस नजारे को देखकर अभिभूत हो उठे। मानो आने वाली पीढ़ी प्रभु मार्ग पर और दृढ़ हो रही हो।
आत्मिक हो गया माहौल
आराधना के बाद मसीही सेवा महिला संगति ने आत्मिक जागृति सभा का आयोजन किया। सभा का माहौल और भी आत्मिक हो गया जब बहन रूपम तिर्की ने महिलाओं की जिम्मेदारियों पर बाइबल आधारित शिक्षा दी। उन्होंने समझाया कि मसीही महिलाएँ परिवार और समाज दोनों में आत्मिक वातावरण निर्माण की अहम जिम्मेदारी निभाती हैं।
प्रेरक संदेश और भक्ति गीत
सभा में भाई अनूप तिर्की ने मुख्य वक्ता के रूप में संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आत्मिक उन्नति के लिए सबसे जरूरी है परमेश्वर के वचन पर टिके रहना। उनके शब्द युवाओं और महिलाओं दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने। इसके बाद महिलाओं ने स्तुति गीत गाए, जिनकी धुन पर सभी की आंखें बंद हो गईं और हाथ प्रार्थना की मुद्रा में उठ गए।
प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह
सिर्फ भक्ति ही नहीं, इस आयोजन में आनंद और सहभागिता का भी रंग देखने को मिला। बच्चों और युवाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिनमें उत्साहपूर्वक भागीदारी रही। हर चेहरे पर मुस्कान और उत्साह का आलोक झलक रहा था।
एकता का प्रतीक बना आयोजन
इस पूरे आयोजन की खासियत यह रही कि इसमें केवल महिलाएँ ही नहीं बल्कि युवा, बच्चे और पेरिश सभा के सभी सदस्य शामिल हुए। हर कोई प्रभु के वचन और स्तुति गीतों में लीन दिखाई दिया। कडरू पेरिश का यह दिन आत्मिक उत्थान और सामूहिक आस्था का अद्भुत उदाहरण बन गया।
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