Close Menu
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Facebook X (Twitter) Instagram
Friday, 6 November, 2026 • 02:40 am
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • AdSense Policy
  • Terms and Conditions
Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest Vimeo
News SamvadNews Samvad
  • HOME
  • INDIA
  • WORLD
  • JHARKHAND
    • RANCHI
  • BIHAR
  • UP
  • SPORTS
  • HOROSCOPE
  • CAREER
  • HEALTH
  • MORE…
News SamvadNews Samvad
  • होम
  • देश
  • दुनिया
  • झारखंड
  • बिहार
  • बिजनेस
  • स्पोर्ट्स
  • राशिफल
Home » घर की दहलीज से आगे बढ़ती महिलाएं, रामगढ़ में महिला सशक्तिकरण का जश्न
Headlines

घर की दहलीज से आगे बढ़ती महिलाएं, रामगढ़ में महिला सशक्तिकरण का जश्न

March 8, 2026No Comments4 Mins Read
Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Follow Us
Google News Flipboard Facebook X (Twitter)
रामगढ़
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram WhatsApp Email
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :

auto
IPRD_ERO_000293/26-27

auto

Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : रामगढ़ समाहरणालय के सभाकक्ष में रविवार को गांवों से आईं सैकड़ों महिलाओं की मुस्कान, आत्मविश्वास और संघर्ष की कहानियां गूंज रही थीं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के जिला स्तरीय कार्यक्रम में सखी मंडल और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान सिर्फ शॉल और प्रशस्ति पत्र का नहीं था, बल्कि उन मेहनत भरे सफर का था जिसे तय कर इन महिलाओं ने अपने जीवन और अपने गांवों को बदलने की कोशिश की है।

गांव से निकलकर मंच तक पहुंची महिलाओं की कहानी

कार्यक्रम में जब मांडू प्रखंड के रतवे संकुल संगठन की अध्यक्ष कुंती देवी मंच पर आईं तो उनके शब्दों में आत्मविश्वास साफ दिख रहा था। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले तक गांव की महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थीं। आर्थिक फैसले तो दूर, अपनी राय रखने में भी झिझक होती थी। लेकिन जब वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं तो धीरे धीरे हालात बदले। बचत की आदत बनी, छोटे छोटे व्यवसाय शुरू हुए और सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि महिलाओं ने खुद पर भरोसा करना सीख लिया।

छोटे कदमों से बड़ी पहचान

कार्यक्रम में आई कई महिलाओं ने बताया कि सखी मंडल से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया है। पहले जो महिलाएं घर के खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं, आज वे खुद कमाकर परिवार की मदद कर रही हैं। किसी ने बकरी पालन शुरू किया, किसी ने सब्जी की खेती और किसी ने छोटे स्तर पर दुकान। इन छोटे छोटे प्रयासों ने न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि समाज में उनकी पहचान भी बनाई।

सरकारी योजनाओं से मिल रही नई ताकत

कार्यक्रम के दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा ने महिलाओं को सरकार की कई योजनाओं के बारे में बताया। मिशन शक्ति, नारी अदालत और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाएं महिलाओं को सुरक्षा और सहायता देने के लिए चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि महिलाएं इन योजनाओं के बारे में जानें और जरूरत पड़ने पर उनका लाभ उठाएं।

पंचायत से लेकर समाज तक बढ़ रही भागीदारी

जिला पंचायती राज पदाधिकारी निशा सिंह ने कहा कि आज पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है और इसका असर गांवों के विकास में भी दिख रहा है। जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होती हैं तो शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य से जुड़े फैसले ज्यादा बेहतर होते हैं।

एक दूसरे का सहारा बनी महिलाएं

उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल ने कहा कि जब महिलाएं मिलकर काम करती हैं तो बदलाव की रफ्तार तेज हो जाती है। सखी मंडल इसी एकजुटता की मिसाल है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रामगढ़ विधायक ममता देवी ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। शिक्षा, राजनीति, व्यापार या समाज सेवा, हर जगह उनकी भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला आगे बढ़ती है तो उसके साथ पूरा परिवार और समाज भी आगे बढ़ता है।

सम्मान के साथ मिला आत्मविश्वास

कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रखंडों से आई संकुल संगठनों, ग्राम संगठनों और जेएसएलपीएस से जुड़े कैडरों को उनके बेहतर काम के लिए प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया गया। जब सम्मान पाने वाली महिलाएं मंच से नीचे उतरीं तो उनके चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। कई महिलाएं एक दूसरे से मुस्कराकर कह रही थीं कि अब गांव लौटकर वे और बेहतर काम करेंगी।

इसे भी पढ़ें : ‘खामोशी से मेहनत, सफलता से शोर’… पढ़ाई के सपनों को मिला नया ठिकाना

Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Telegram WhatsApp Email
Previous Article‘खामोशी से मेहनत, सफलता से शोर’… पढ़ाई के सपनों को मिला नया ठिकाना
Next Article मजदूरों के हक के लिए कारगिल फाइटर की चेतावनी… जानें क्या

Related Posts

राशिफल

राशिफल @ 06 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 6, 2026
बिहार

अदृश्य खतरों के बीच अदम्य साहस, राष्ट्रीय स्तर पर चमके बिहार SDRF के जांबाज

November 5, 2026
झारखंड

क्लास में टूटी झिझक की दीवार, डालसा सचिव ने बच्चों को दिया सुरक्षा का मजबूत आधार

November 5, 2026
Advertisement
  • Facebook
  • Twitter
  • Telegram
  • WhatsApp

Latest Post

राशिफल @ 06 नवंबर 2026… आज क्या कहता है आपका भाग्य… जानें

November 6, 2026

अदृश्य खतरों के बीच अदम्य साहस, राष्ट्रीय स्तर पर चमके बिहार SDRF के जांबाज

November 5, 2026

क्लास में टूटी झिझक की दीवार, डालसा सचिव ने बच्चों को दिया सुरक्षा का मजबूत आधार

November 5, 2026

महासम्मेलन में सीएम हेमंत बोले- नशा छोड़ें युवा, मारांग बुरू की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी

November 5, 2026

CM सम्राट ने लिया गंगा घाटों का जायजा, अफसरों से बोले- छठ व्रतियों को रत्ती भर भी न हो परेशानी

November 5, 2026
© 2026 News Samvad. Designed by Launching Press.

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.