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Lucknow : अंबेडकर जयंती के मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बाबा साहब डॉ. बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी और कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने साफ कहा कि बाबा साहब के विचार सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की जरूरत है। इसी दिशा में प्रदेश के सभी 75 जिलों में उनकी मूर्तियों की सुरक्षा, सौंदर्यीकरण और छतरी लगाने का अभियान शुरू किया जा रहा है।
माल्यार्पण से शुरुआत, कार्यक्रम में दिखा बड़ा जमावड़ा
मुख्यमंत्री ने लखनऊ के अंबेडकर महासभा परिसर में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। माहौल पूरी तरह श्रद्धा और सम्मान से भरा था। मंच पर कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद थे। इस दौरान महासभा की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में मंत्री असीम अरुण, बेबी रानी मौर्य, महापौर सुषमा खर्कवाल और राज्यसभा सदस्य ब्रजलाल की मौजूदगी ने आयोजन को और अहम बना दिया।
75 जिलों में चलेगा अभियान, मूर्तियों की होगी पूरी देखभाल
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के हर जिले में स्थापित बाबा साहब की मूर्तियों को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। इसमें मूर्तियों की मरम्मत, आसपास की सफाई, लाइटिंग और छतरी लगाने जैसे काम शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मूर्तियां उपेक्षा का शिकार होती हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके लिए सरकार ने अलग से बजट भी तय किया है और समाज कल्याण विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
लखनऊ में बनेगा हाई लेवल रिसर्च संस्थान
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि लखनऊ में बाबा साहब के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान पर उनके विचारों को समझने के लिए एक उच्च स्तरीय शोध संस्थान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि नई पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि बाबा साहब ने किन हालात में देश को संविधान दिया और सामाजिक न्याय की नींव रखी।
लखीमपुर खीरी का उदाहरण देकर गिनाए काम
योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया लखीमपुर खीरी दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि 1971 में बांग्लादेश से आए दलित हिंदुओं को दशकों तक न तो जमीन मिली और न ही नागरिकता। लेकिन उनकी सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और एक हजार से ज्यादा लोगों को जमीन के पट्टे और नागरिकता दी। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया।
दलित महापुरुषों के सम्मान की बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब के साथ-साथ ज्योतिबा फुले, संत रविदास, सातन पासी और महाराजा बिजली पासी जैसे महापुरुषों को भी उचित सम्मान दिया जाएगा। उनकी मूर्तियां लगाई जाएंगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने पहले इन महापुरुषों के नाम और सम्मान को कम करने की कोशिश की, अब वही लोग दिखावा कर रहे हैं।
विपक्ष पर सीधा हमला
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने दलितों और वंचितों को उनके अधिकारों से दूर रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में गरीबों को जानबूझकर लाभ नहीं दिया गया।
उन्होंने वाराणसी में संत रविदास से जुड़े विकास कार्यों और चित्रकूट में जमीन विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि अब सरकार ऐसे मामलों में सख्ती से काम कर रही है।
‘पंच तीर्थ’ और विकास की चर्चा
सीएम ने प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा विकसित ‘पंच तीर्थ’ का जिक्र करते हुए कहा कि बाबा साहब से जुड़े स्थानों का देश और विदेश में तेजी से विकास किया गया है। उनका कहना था कि इससे बाबा साहब के विचारों को वैश्विक पहचान मिली है।
एकता और अखंडता पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में यह भी कहा कि राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत और देश की एकता के साथ किसी तरह का खिलवाड़ करना बाबा साहब का अपमान है। उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसी ताकतों का खुलकर विरोध किया जाए और देश की एकता को मजबूत किया जाए।
महासभा ने रखी अपनी मांग
कार्यक्रम में महासभा के अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल ने बताया कि परिसर में बाबा साहब की अस्थियां रखी गई हैं, जिनके लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस दिशा में कदम उठाने की मांग की और सरकार के कामों की सराहना भी की।
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