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Pakur (Jaydev Kumar) : एक हफ्ता पहले घर में शहनाई बज रही थी। आंगन में मेहमानों की आवाजाही थी। बेटी की विदाई के समय आंखें नम थीं, लेकिन दिल इस बात से खुश था कि घर की लाडली नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रही है। अब वही घर टूटी अलमारी, बिखरे सामान और गहरे सन्नाटे की कहानी कह रहा है। पाकुड़ के बैंक कॉलोनी में हुई चोरी की यह घटना सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि एक परिवार की भावनाओं पर लगी चोट है।
जहां गूंज रही थी हंसी, वहां अब पसरा है सन्नाटा
सुभेन चंद्र शाहा का घर कुछ दिन पहले तक खुशियों का ठिकाना बना हुआ था। बेटी की शादी की तैयारियों में पूरा परिवार महीनों से जुटा था। हर छोटी-बड़ी जरूरत का सामान प्यार से जुटाया गया था। बेटी के लिए नए कपड़े खरीदे गए, शादी के उपहार संभालकर रखे गए, घर में आने वाले मेहमानों के लिए इंतजाम किए गए। शादी संपन्न हुई। बेटी की विदाई हुई। घर में थकान थी, लेकिन एक संतोष भी था कि सब कुछ अच्छे से हो गया। परिवार धीरे-धीरे सामान्य जिंदगी में लौटने की कोशिश कर ही रहा था कि शनिवार रात सब कुछ बदल गया।
चोर सिर्फ सामान नहीं, यादें भी ले गए
जब चोर घर में घुसे, तो उन्होंने सिर्फ अलमारी नहीं तोड़ी। उन्होंने उस परिवार की मेहनत, उम्मीदें और शादी से जुड़ी यादों को भी बिखेर दिया। अलमारी में रखे महंगे कपड़े, शादी में मिले उपहार, जरूरी सामान और कीमती सामान गायब थे। परिवार का कहना है कि हर सामान से एक याद जुड़ी थी। कोई कपड़ा बेटी के लिए पसंद किया गया था, कोई सामान रिश्तेदारों ने प्यार से दिया था। अब जब अलमारी खाली मिली, तो ऐसा लगा जैसे कोई घर की खुशियां ही समेटकर ले गया।
सूनेपन का फायदा, सुनियोजित लग रही वारदात
इस घटना ने कई सवाल भी खड़े किए हैं। घर की देखभाल कर रहा भतीजा परीक्षा देने बोकारो गया हुआ था। यानी घर कुछ समय के लिए खाली था। चोरों ने ठीक उसी समय वारदात को अंजाम दिया। इससे परिवार को शक है कि किसी को घर की स्थिति की जानकारी थी। घर निर्माणाधीन होने की वजह से सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत नहीं थे। चोरों ने इसका पूरा फायदा उठाया। घर के भीतर से सामान चुराने के साथ-साथ वहां रखी मिस्त्री की मशीनें और गैरेज में खड़े टेंपो की बैटरी तक नहीं छोड़ी।
सुबह का वह मंजर जिसने सबको हिला दिया
रविवार सुबह जब भतीजा परीक्षा देकर वापस लौटा, तो घर का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। टूटी अलमारी, बिखरा सामान और गायब कीमती चीजें देखकर तुरंत परिवार को सूचना दी गई। कुछ ही देर में पड़ोसी भी पहुंच गए। हर कोई यही कह रहा था कि जिस घर में अभी कुछ दिन पहले शादी की खुशियां थीं, वहां ऐसा कैसे हो गया।
पिता का दर्द, शब्दों में नहीं समाया दुख
एक पिता के लिए बेटी की शादी सिर्फ एक सामाजिक रस्म नहीं होती। उसमें वर्षों की बचत, अनगिनत सपने और भावनाएं जुड़ी होती हैं। सुभेन शाह के लिए भी यह वैसा ही मौका था। उन्होंने बेटी की शादी के लिए हर जरूरी सामान बड़े जतन से जुटाया था। अब चोरी के बाद उनका दर्द साफ दिख रहा है। यह नुकसान सिर्फ पैसों का नहीं है। यह उस भरोसे का नुकसान है, जो अपने ही घर की सुरक्षा पर था।
पुलिस पहुंची, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलने के बाद एएसआई अरुण ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और चोरी की पुष्टि की। पुलिस का कहना है कि परिवार की ओर से आवेदन दिया जा रहा है। केस दर्ज कर आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य जांच के आधार पर चोरों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
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