अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Kolkata : पश्चिम बंगाल में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष और वर्तमान सीएम शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज हत्याकांड में पश्चिम बंगाल STF ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई बिहार और उत्तर प्रदेश में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के दौरान की गई। चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात उत्तर 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई थी।
बक्सर से हिस्ट्रीशीटर विशाल श्रीवास्तव गिरफ्तार
इस मामले में सबसे बड़ी गिरफ्तारी बिहार के बक्सर से हुई है। पश्चिम बंगाल STF ने बिहार पुलिस और बिहार STF के सहयोग से विशाल श्रीवास्तव को दबोचा। विशाल को बक्सर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडे पट्टी गांव से हिरासत में लिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विशाल श्रीवास्तव कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ 15 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट और डकैती जैसे गंभीर केस शामिल हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में उसकी अहम भूमिका रही है। गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल STF विशाल को अपने साथ कोलकाता ले गई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
यूपी के अयोध्या से दूसरा आरोपी गिरफ्तार
इस केस में दूसरा आरोपी राज सिंह है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया का रहने वाला बताया जा रहा है। हालांकि वह लंबे समय से बक्सर में रह रहा था। वारदात के बाद वह फरार होकर अयोध्या में छिप गया था। कोलकाता पुलिस और अयोध्या पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का मानना है कि राज सिंह को हत्या की साजिश और वारदात के बारे में अहम जानकारी हो सकती है।
तीसरा आरोपी मयंक भी पुलिस के शिकंजे में
इस हत्याकांड में तीसरे आरोपी के तौर पर मयंक को भी गिरफ्तार किया गया है। हालांकि उसके बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसियां तीनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की साजिश किसने रची और इसका मकसद क्या था।
अब जांच का फोकस मास्टरमाइंड पर
तीन गिरफ्तारियों के बाद अब जांच एजेंसियों का फोकस इस हत्याकांड के मास्टरमाइंड तक पहुंचने पर है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह सिर्फ सुपारी किलिंग थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक या आपराधिक एंगल भी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इसे भी पढ़ें : आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट ने दी बेल, OSD संजीव लाल भी होंगे रिहा

