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Ranchi : झारखंड के चर्चित टेंडर घोटाला और कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इस फैसले के बाद करीब दो साल से जेल में बंद आलमगीर आलम के बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एम एम सुंदरेश्वर और जस्टिस एन कोटीश्वर सिंह की बेंच में हुई। अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ओएसडी संजीव लाल को भी मिली जमानत
सिर्फ आलमगीर आलम ही नहीं, उनके तत्कालीन ओएसडी संजीव कुमार लाल को भी सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका भी मंजूर कर ली और रिहाई का निर्देश दिया। संजीव लाल भी लंबे समय से जेल में बंद थे। झारखंड हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
हाईकोर्ट से मिली थी निराशा
इससे पहले 11 जुलाई 2025 को झारखंड हाईकोर्ट ने आलमगीर आलम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने उन्हें जमानत देने से इनकार किया था। इसके बाद आलमगीर आलम ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। संजीव लाल की जमानत याचिका भी हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी। ऐसे में दोनों की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी थीं।
क्या है पूरा मामला
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था जब ईडी ने कथित टेंडर घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान आलमगीर आलम के आप्त सचिव संजीव कुमार लाल और उनके नौकर जहांगीर आलम के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। इस छापेमारी में 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया था। इतनी बड़ी नकदी मिलने के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि यह रकम टेंडर घोटाले से जुड़े लेनदेन का हिस्सा हो सकती है। नकदी बरामद होने के बाद ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाया और फिर तत्कालीन मंत्री आलमगीर आलम को 15 मई 2025 को गिरफ्तार कर लिया। तब से वह जेल में बंद थे।
राजनीतिक हलकों में बढ़ेगी हलचल
आलमगीर आलम की जमानत सिर्फ कानूनी राहत नहीं, राजनीतिक तौर पर भी बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। वह झारखंड की राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं और पिछली सरकार में मंत्री पद संभाल चुके हैं। ऐसे में उनकी रिहाई के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों की तरफ से राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है।
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