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Ramgarh (Dharmendra Pradhan) : बाहर से देखने पर यह एक आम लोहार की दुकान थी। लोग खेती-किसानी के औजार बनवाने और मरम्मत कराने आते थे। लेकिन पुलिस का दावा है कि इसी दुकान और उससे सटे मकान के भीतर पिछले कई सालों से अवैध हथियार बनाने का खेल चल रहा था। बुधवार देर रात भुरकुंडा पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापा मारा तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई। कमरे में आधी बनी पिस्टलें थीं, मैगजीन रखी थीं और हथियार तैयार करने वाली मशीनें भी मौजूद थीं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लोहार दिनेश विश्वकर्मा और उसकी पत्नी नूतन देवी को हिरासत में लिया है। अब दोनों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से अवैध हथियारों के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

गुप्त सूचना मिली तो रात में ही बनाई गई योजना
रामगढ़ के एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के दत्तो गांव में एक व्यक्ति लंबे समय से मकान और लोहार की दुकान की आड़ में अवैध हथियार तैयार कर रहा है। सूचना को हल्के में नहीं लिया गया। रामगढ़ और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई और देर रात छापेमारी की गई। जैसे ही पुलिस दुकान और मकान के अंदर पहुंची, वहां हथियार बनाने का सामान और अधबने पिस्टल के पार्ट्स मिले। इसके बाद पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली गई।
कमरे में बिखरे मिले पिस्टल के पुर्जे
तलाशी के दौरान पुलिस ने 7.65 एमएम की तीन अर्धनिर्मित पिस्टल की बॉडी बरामद की। इसके अलावा नौ मैगजीन, फायरिंग पिन, ट्रिगर, स्प्रिंग, लॉक पिन और कई दूसरे पुर्जे भी मिले। वहीं ड्रिल मशीन, गैस कटर, वेल्डिंग मशीन, रेलवे पटरी का टुकड़ा और दूसरे औजार भी बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल हथियार बनाने में किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से एक एक्टिवा स्कूटी भी जब्त की है।
पूछताछ में सामने आ रही हैं नई बातें
एसपी ने बताया कि हिरासत में लिए गए दिनेश विश्वकर्मा और उसकी पत्नी से लगातार पूछताछ की जा रही है। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने कुछ अहम जानकारियां दी हैं, जिनके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है। एसपी का कहना है कि दिनेश विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से इस धंधे में शामिल था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उसके बनाए हथियार आखिर किन लोगों तक पहुंचे और उनका इस्तेमाल किन वारदातों में हुआ।

किस-किस तक पहुंची पिस्टल, अब यही सबसे बड़ा सवाल
पुलिस का मानना है कि यह मामला सिर्फ हथियार बनाने तक सीमित नहीं हो सकता। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि इन हथियारों की सप्लाई किसे की जाती थी। क्या कोई अपराधी गिरोह इससे जुड़ा हुआ था या फिर अलग-अलग लोगों को हथियार बेचे जाते थे। इन सभी बिंदुओं पर जांच चल रही है। एसपी ने बताया कि आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें। पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राघवेंद्र शर्मा को सौंपी गई है। पुलिस हर पहलू की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं।
छापेमारी में यह सामान हुआ बरामद
पुलिस ने मौके से यह सामान जब्त किया है।
- 7.65 एमएम की अर्धनिर्मित पिस्टल की 3 बॉडी
- 9 मैगजीन
- 6 फायरिंग पिन
- 3 बॉडी लॉक पिन
- 3 कॉक पिन
- 3 ट्रिगर
- 3 मैगजीन लॉक पिन
- 4 स्प्रिंग
- 4 बट कवर
- 3 मटमैले बट कवर
- ड्रिल मशीन
- गैस कटर मशीन
- वेल्डिंग मशीन
- रेलवे पटरी का टुकड़ा
- लोहे का चिमटा
- टूल बॉक्स
- हेक्सा ब्लेड
- हथौड़ी
- लोहे की चादर
- एक्टिवा स्कूटी
संयुक्त टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस छापेमारी में एसडीपीओ राघवेंद्र शर्मा, पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भुरकुंडा ओपी प्रभारी उपेंद्र कुमार, भदानीनगर ओपी प्रभारी अख्तर अली, पतरातू थानेदार शिवलाल गुप्ता समेत रामगढ़ और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही।
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