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Ranchi : JPSC यानी झारखंड लोक सेवा आयोग की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी सीआईडी ने करीब नौ घंटे तक मैराथन पूछताछ की। दिनभर चली पूछताछ के बाद देर शाम उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई। हालांकि, जांच एजेंसी ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उससे माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मामले में और बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
भर्ती से लेकर चयन प्रक्रिया तक हर पहलू पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी अधिकारियों ने एल. ख्यांग्ते से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, अभ्यर्थियों के चयन, निजी एजेंसी की भूमिका और परीक्षा से जुड़े कई अहम पहलुओं पर विस्तार से सवाल किए। जांच एजेंसी उनके जवाबों का मिलान पहले से जब्त दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के बयानों से कर रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि पूरे मामले की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाया जाए कि कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही।
तीन दिनों में 26 घंटे से ज्यादा पूछताछ
एल. ख्यांग्ते शुक्रवार सुबह सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, जहां उनसे देर शाम तक लगातार पूछताछ चलती रही। इससे पहले पहले दिन उनसे करीब आठ घंटे और दूसरे दिन लगभग नौ घंटे तक सवाल-जवाब किए गए थे। तीन दिनों में उनसे कुल 26 घंटे से ज्यादा पूछताछ हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है और जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
पासपोर्ट जब्त, विदेश जाने पर लगी रोक
जांच के दौरान सीआईडी ने एल. ख्यांग्ते का पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि जांच पूरी होने तक उनके विदेश जाने की संभावना को रोकना जरूरी है। यही वजह है कि एहतियात के तौर पर पासपोर्ट अपने कब्जे में लिया गया है। फिलहाल जांच एजेंसी हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पहले हुई थी छापेमारी, कई अहम दस्तावेज मिले
एल. ख्यांग्ते को नोटिस जारी करने से पहले सीआईडी ने कांके रोड स्थित उनके सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय में उनके कक्ष पर छापेमारी की थी। करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई में जांच टीम ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और जरूरी साक्ष्य अपने कब्जे में लिए। इसके अलावा परीक्षा संचालन से जुड़ी निजी एजेंसी टीएसआर डाटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कार्यालय में भी तलाशी ली गई थी।
OMR शीट से लेकर डिजिटल साक्ष्य तक खंगाल रही सीआईडी
जांच के दौरान सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों में मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए थे। वहीं, टीडीपीएल कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्य अपने कब्जे में लिए गए। जांच एजेंसी इन सभी दस्तावेजों और डिजिटल डाटा का विश्लेषण कर रही है, ताकि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
11 गिरफ्तारियां, कई आरोपी रिमांड पर
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीआईडी अब तक जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से पांच आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासों की संभावना भी बढ़ती जा रही है।
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