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Ranchi : CCL यानी सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के दरभंगा हाउस स्थित मुख्यालय में इन दिनों एक अलग ही तरह की बयार बह रही है। दफ्तर के पुराने रजिस्टर और कागजी फाइलों के बीच बरसों से काम निपटाने वाले हाथों में अब कीबोर्ड की रफ्तार और माउस की पकड़ साफ नजर आ रही है। मौका था CCL के मानव संसाधन विभाग द्वारा सामान्य सहायक कर्मचारियों के लिए आयोजित एक सप्ताह के विशेष कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का। अलग-अलग इलाकों से पहुंचे 26 कर्मचारियों के लिए यह सात दिन सिर्फ नई तकनीक सीखने का जरिया नहीं बने, बल्कि उनके भीतर छिपे उस झिझक को भी दूर कर गए जो कंप्यूटर स्क्रीन को देखकर अक्सर बनी रहती थी।
एमएस वर्ड से ई-ऑफिस तक… जब सीखने की ललक ने आसान बनाई तकनीक
प्रशिक्षण के दौरान माहौल किसी पेशेवर क्लासरूम जैसा था, जहां हर एक कर्मचारी बड़ी एकाग्रता से डिजिटल दुनिया की बारीकियां समझ रहा था। ट्रेनर्स ने बेहद आसान और व्यावहारिक तरीके से सभी 26 प्रतिभागियों को एमएस वर्ड, एमएस एक्सेल, ऑफिस एप्लिकेशन्स और ई-ऑफिस के इस्तेमाल की एबीसीडी सिखाई। हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग के साथ-साथ कंपनी के अपने खास ऑनलाइन प्रणालियों पर हाथ आजमाने का मौका मिला। देखते ही देखते कर्मचारियों के हाथ बिना झिझक कीबोर्ड पर दौड़ने लगे और जो काम पहले कागजों पर घंटों का समय लेता था, वह अब कुछ ही क्लिक में सिमटने लगा।

अधिकारियों ने थपथपाई पीठ, मिला नई ऊर्जा का प्रमाण पत्र
समापन समारोह में जब सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए तो उनके चेहरों पर एक अलग ही आत्मविश्वास की चमक थी। सीसी एंड पीआर विभाग के महाप्रबंधक आलोक कुमार गुप्ता ने कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर ज्ञान सिर्फ एक अतिरिक्त योग्यता नहीं, बल्कि हर कर्मचारी की प्राथमिक जरूरत बन चुका है। ऐसे प्रयासों से न सिर्फ काम आसान होता है, बल्कि संस्थान की साख भी बढ़ती है। वहीं मानव संसाधन विभाग के महाप्रबंधक एम. एफ. हक ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि सीसीएल अपने कर्मचारियों को बदलते वक्त के साथ ढालने के लिए लगातार ऐसे कदम उठाता रहेगा। सात दिनों का यह सफर खत्म जरूर हो गया, लेकिन दफ्तर की डेस्क पर अब एक नए और डिजिटल दौर की शुरुआत हो चुकी है।
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