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Ranchi : झारखंड में JSSC-CGL भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। झारखंड हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसके तहत इस परीक्षा से बहाल हुए कर्मियों को पद से हटाने की तैयारी की जा रही थी। अदालत के इस रुख से नौकरी गंवाने के कगार पर पहुंचे 99 नवनियुक्त कर्मियों को फौरी तौर पर बहुत बड़ी राहत मिल गई है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई हुई। आकाश गौरव सहित 99 चयनित कर्मियों ने सरकार के सेवा समाप्ति वाले आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। प्रार्थियों की ओर से पूर्व महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता श्रेय मिश्रा ने कोर्ट में पक्ष रखा। वकीलों ने दलील दी कि बिना ठोस आधार और पूरी प्रक्रिया को समझे सीधे चयनित अभ्यर्थियों को हटाना अनुचित है। अदालत ने इन तर्कों पर संज्ञान लेते हुए सरकार की अधिसूचना के अमल पर तत्काल रोक लगा दी।
सरकार और आयोग को 15 सितंबर तक देना होगा जवाब
अदालत ने केवल रोक ही नहीं लगाई, बल्कि पूरे मामले में राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को निर्देश दिया है कि वे 15 सितंबर तक अपना विस्तृत जवाब दाखिल करें। इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई भी 15 सितंबर को तय की गई है, जिस दिन सरकार को यह साबित करना होगा कि उसने बहाली रद्द करने का कदम किस आधार पर उठाया था।
सीआईडी जांच के बाद सरकार ने लिया था कड़ा फैसला
इस पूरे विवाद की जड़ में सीआईडी की वह रिपोर्ट है, जिसने राज्य की कई प्रतियोगी परीक्षाओं पर सवाल खड़े कर दिए थे। जांच में सामने आई गड़बड़ियों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात बड़ा कदम उठाया था। सरकार ने उन सभी परीक्षाओं को सीधे रद्द करने का ऐलान किया था जिनमें टीडीपीएल एजेंसी शामिल थी। साथ ही वर्ष 2014 से अब तक आयोजित हुई विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितताओं की पड़ताल के आदेश भी दे दिए गए थे।
22 परीक्षाएं रद्द और कई जांच के दायरे में
मंत्रिमंडल के इस रुख के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने एक विस्तृत अधिसूचना जारी की थी। इस सरकारी आदेश में कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की चल रही प्रक्रिया को बीच में ही रोकने और 17 अन्य परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की बात कही गई थी। इसी फैसले की जद में विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत चयनित अभ्यर्थी भी आ गए थे, जिन्हें हटाने की तैयारी चल रही थी। फिलहाल हाई कोर्ट के दखल के बाद इन कर्मियों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा कुछ समय के लिए टल गया है।
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