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Ranchi : हटिया रेलवे स्टेशन पर बीते आठ अप्रैल को सब कुछ आम दिनों जैसा ही था। यात्री अपने सफर में व्यस्त थे, कोई ट्रेन पकड़ने की जल्दी में था तो कोई उतरकर घर जाने की तैयारी में। इसी भीड़ के बीच प्लेटफॉर्म नंबर 2 के फुट ओवर ब्रिज के नीचे एक युवक ट्रॉली बैग लेकर चुपचाप बैठा था। देखने में सब कुछ नॉर्मल लग रहा था, लेकिन RPF की नजर कुछ और ही कहानी कह रही थी।
एक नजर जिसने बदल दी पूरी कहानी
RPF और CIB की टीम कमांडेंट पवन कुमार के निर्देश पर “ऑपरेशन NARCOS” के तहत स्टेशन पर चेकिंग कर रही थी। तभी उनकी नजर उस युवक पर पड़ी। वह घबराया हुआ लग रहा था और बार-बार इधर-उधर देख रहा था। बस यहीं से शक गहराया। टीम उसके पास पहुंची और सामान्य तरीके से पूछताछ शुरू की। पहले तो युवक ने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की, लेकिन सवाल थोड़ा सख्त हुआ तो उसकी घबराहट साफ नजर आने लगी।
खुद ही खोल दी सच्चाई
कुछ ही मिनटों की पूछताछ में युवक टूट गया। उसने कबूल कर लिया कि उसके ट्रॉली बैग में गांजा है। इसके बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों की निगरानी में बैग खोला गया। जैसे ही बैग की जिप खुली, अंदर से प्लास्टिक में लिपटे पैकेट नजर आए। एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन पैकेट। जांच में पुष्टि हुई कि यह गांजा ही है। कुल वजन निकला 16.9 किलो। कीमत करीब साढ़े आठ लाख रुपये।
रांची से अंगुल और फिर हटिया तक का सफर
पूछताछ में सामने आई कहानी भी कम चौंकाने वाली नहीं थी। आरोपी विशाल पुरकायत रांची के जगन्नाथपुर इलाके का रहने वाला है। उसने बताया कि धुर्वा के एक शख्स ने उसे यह काम सौंपा था। 4 अप्रैल को वह बस से ओडिशा के अंगुल गया। वहां दो दिन रुकने के बाद 7 अप्रैल को एक अनजान शख्स ने उसे दो ट्रॉली बैग दिए। इसके बाद वह ट्रेन संख्या 18403 एक्सप्रेस से सामान्य कोच में बैठकर हटिया पहुंचा। शायद उसे लगा था कि भीड़ में वह आसानी से निकल जाएगा। लेकिन RPF की चौकस नजर ने उसकी पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया।
प्लेटफॉर्म पर ही खत्म हो गया खेल
जैसे ही वह स्टेशन पर उतरा और कोने में बैठा, टीम की नजर उस पर टिक गई। कुछ ही देर में उसकी पूरी कहानी सामने आ गई। बिना किसी हंगामे के चुपचाप पूरी कार्रवाई की गई और तस्कर को पकड़ लिया गया। आरोपी के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। इसके बाद उसे जब्त गांजा के साथ GRPS हटिया को सौंप दिया गया। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इसके पीछे पूरा नेटवर्क कौन चला रहा है।
टीम की सतर्कता बनी सबसे बड़ी ताकत
इस कार्रवाई में RPF और CIB की टीम की सूझबूझ और सतर्कता सबसे अहम रही। LSI रीता कुमारी, कांस्टेबल अमरेश कुमार, ASI अनिल कुमार, आरके सिंह और अरविंद कुमार यादव की टीम ने बिना समय गंवाए पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
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