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Patna : सीएम सम्राट चौधरी ने साफ निर्देश दिया है कि हर घर नल का जल योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को तय समय पर और शुद्ध पानी मिलना चाहिए। इस योजना के क्रियान्वयन और रखरखाव में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम सोमवार को अपने सरकारी आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में विभाग के मौजूदा प्रोजेक्ट्स, उनकी प्रगति और आने वाले दिनों के एक्शन प्लान पर विस्तार से चर्चा हुई।
तय समय पर मिले शुद्ध पानी, गुणवत्ता की लगातार हो जांच
सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि राज्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रहनी चाहिए। पानी सप्लाई के लिए जो समय तय किया गया है, उस पूरे समय तक लोगों को नल से पानी मिलना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल पानी पहुंचाना ही काफी नहीं है, बल्कि जल की गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनी रहे, इसके लिए लगातार सैंपलिंग और जांच अभियान चलाया जाए। पाइपलाइन या मोटर खराब होने की शिकायत मिलते ही तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर उसे तुरंत ठीक करे, ताकि लोगों को एक दिन भी पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

चार जोन में बंटा कामकाज, चल रहे हैं पांच बड़े विशेष अभियान
समीक्षा बैठक के दौरान पीएचईडी के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी ने योजनाओं के संचालन और मेंटेनेंस से जुड़ी रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि व्यवस्था को दुरुस्त और जवाबदेह बनाने के लिए पूरे राज्य को चार जोन—पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और मुंगेर में बांटा गया है। इसके अलावा गांवों में निर्बाध जलापूर्ति के लिए जलमीनार सफाई, निरीक्षण और मरम्मत, पानी की जांच, शिकायत निवारण और प्रखंड स्तर पर स्पेयर पार्ट्स के स्टोरेज को मजबूत करने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
98.5 फीसदी शिकायतों का हुआ समाधान
बैठक में केंद्रीयकृत शिकायत निवारण कोषांग के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई। विभाग ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से 28 सितंबर 2026 के बीच हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से कुल 3,00,622 शिकायतें दर्ज की गई थीं। इनमें से 2,96,179 मामलों को तय समय सीमा के भीतर हल कर लिया गया, यानी समाधान की दर 98.5 प्रतिशत रही। मुख्यमंत्री ने इस गति को आगे भी बनाए रखने और बचे हुए मामलों का तुरंत निपटारा करने का निर्देश दिया।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, पीएचईडी के सचिव बी. कार्तिकेय धनजी और विशेष सचिव संजीव कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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