अपनी मनपसंद भाषा में पढ़ें :
Patna : बिहार में उफनती नदियों ने कई जिलों में तबाही मचा रखी है। हालात का जायजा लेने के लिए सीएम सम्राट चौधरी सोमवार को खुद मैदान में उतरे। उन्होंने वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद वे सीधे डुमरिया घाट पहुंचे और वहां गंडक नदी के उफान को करीब से देखा। डुमरिया घाट पर अधिकारियों ने सीएम को बताया कि गंडक का पानी खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बह रहा है और रात तक इसमें 50 सेंटीमीटर की और बढ़ोतरी हो सकती है। जमीनी हालात देखने के बाद सीएम ने अफसरों को दो टूक कहा कि राहत और बचाव के काम में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बांधों की सुरक्षा में चूक न हो, रात में होगी गश्ती
नदियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सीएम ने जल संसाधन विभाग को बेहद सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाए और रात के समय गश्ती जरूर कराई जाए, ताकि किसी भी खतरे की आहट मिलते ही समय रहते कदम उठाया जा सके। निचले और संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखने की हिदायत देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम करे और प्रभावित लोगों तक जरूरी मदद बिना किसी देरी के पहुंचाई जाए।

राहत शिविरों और खाने-पीने के इंतजाम में न हो कमी
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि संकट के इस समय में प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच रहना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें आपस में तालमेल बनाकर काम करें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत एक्शन लिया जा सके। इसके अलावा प्रभावित इलाकों में बाढ़ राहत शिविर और सामुदायिक रसोई सुचारू रूप से चलाई जाएं, ताकि किसी भी पीड़ित को खाने-पीने की दिक्कत न झेलनी पड़े।

निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद राधामोहन सिंह, विधायक कृष्णनंदन पासवान, सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह के साथ पूर्वी चंपारण और गोपालगंज के डीएम-एसपी समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
इसे भी पढ़ें : बिहार पुलिस का 60 मिनट का सर्जिकल स्ट्राइक : 48000 गाड़ियां जांचीं, 750 अरेस्ट, 56 लाख जुर्माना



