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Patna : बिहार के लोगों को बेहतर और आधुनिक इलाज अपने ही जिले में मिले, इसके लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं का तीन से चार गुना विस्तार करने जा रही है। मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल लाने की तैयारी में है। इसमें टेंडर के दौरान बिहार के डॉक्टरों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह बात सीएम सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को होटल मौर्या में ISCCM यानी इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के सोशल कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन के दौरान कही।
सीएम ने स्पष्ट किया कि अब हर छोटे-बड़े केस में मरीजों को सीधे पटना भेजने का खेल बंद होगा। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों में हर महीने करीब 10 हजार ऑपरेशन हो रहे हैं। अगर कोई डॉक्टर मरीज को बेवजह पटना रेफर करेगा, तो उसे इसका ठोस कारण दर्ज करना होगा। बिना वजह रेफर करने की आदत पर सरकार ने पूरी सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।

मेडिकल कॉलेजों में पीपीपी मॉडल और स्थानीय डॉक्टरों को तरजीह
सीएम ने कहा कि सरकार अस्पताल चलाने के तौर-तरीकों में बड़ा बदलाव लाने जा रही है। इसके तहत पीपीपी मॉडल की रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है और जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। इसमें खास ख्याल रखा जाएगा कि राज्य के डॉक्टरों की भागीदारी बढ़े, ताकि स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य ढांचा मजबूत हो सके। इसके साथ ही अस्पतालों में डॉक्टरों को उनकी विशेषज्ञता के हिसाब से ही काम सौंपा जाएगा। मसलन, अगर कोई डॉक्टर सर्जन है तो उससे सिर्फ सर्जरी का काम ही लिया जाएगा, न कि दूसरे प्रशासनिक या सामान्य काम।
राज्य में बुनियादी ढांचे की बात करते हुए सीएम ने बताया कि इस समय 10 से ज्यादा सरकारी मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं, जबकि 16 नए मेडिकल कॉलेज भवनों का निर्माण तेजी से जारी है। सरकार का मकसद है कि बिहार के लोगों को दिल्ली और मुंबई जैसी क्रिटिकल केयर और आईसीयू सुविधाएं अपने ही शहरों में मिलें।

92 फीसदी परिवारों को मिला आयुष्मान भारत का कवच
आयुष्मान भारत योजना पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि पहले कागजी अड़चनों की वजह से करीब 70 लाख जरूरतमंदों के कार्ड नहीं बन पा रहे थे। इसके बाद राज्य सरकार ने राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों को योजना से जोड़ने का फैसला लिया। इस कदम से लगभग 9.5 करोड़ लोगों को सीधे फायदा पहुंचा और आज राज्य के करीब 92 प्रतिशत परिवार इस सुरक्षा घेरे में आ चुके हैं। इससे गरीब परिवारों को इलाज के भारी खर्च से बड़ी राहत मिली है।

डॉक्टर समाज के लिए भगवान, सम्मान और सुरक्षा जरूरी
सीएम ने डॉक्टरों की सराहना करते हुए कहा कि डॉक्टर समाज के लिए भगवान का रूप होते हैं। डॉक्टरी सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों का सम्मान बढ़ना चाहिए और उन्हें काम करने का सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने देशभर से आए क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों से अपील की कि वे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने में सरकार का साथ दें।

कार्यक्रम में डॉ विजय प्रकाश, डॉ ई हक, डॉ प्रभात कुमार, डॉ सहजानंद, वरिष्ठ अधिवक्ता वाईबी गिरी, ISCCM के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रणवीर त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव डॉ घनश्याम जगतकर, ISCCM पटना के चेयरपर्सन डॉ किशोर झुनझुनवाला और सचिव डॉ राजेश रौशन सहित देशभर से आए वरिष्ठ चिकित्सक एवं अन्य जाने-माने डॉक्टर मौजूद रहे, जिन्हें चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर काम के लिए सीएम ने सम्मानित भी किया।
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