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Bokaro : बोकारो के सेक्टर-6/B थाना इलाके में मंगलवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी विनोद कुमार उर्फ विनोद खोपड़ी के अवैध दफ्तर को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। टाउन एंड एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट और बीएसएल प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। सुबह से ही इलाके में हलचल थी और जैसे ही बुलडोजर चला, लोगों की भीड़ जुट गई।
शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत अमृता सिंह की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सेक्टर-8A में उनके पति जयंत कुमार को विनोद कुमार ने धमकी दी, उनका अपहरण करने की साजिश रची और जान लेने की कोशिश की। मामला गंभीर था, इसलिए हरला थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 दिसंबर को विनोद कुमार को ओडिशा से गिरफ्तार किया। 15 जनवरी को उसे जेल भेज दिया गया।
सड़क जाम, प्रदर्शन और भूख हड़ताल
गिरफ्तारी के बाद भी लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बोकारो की कई सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने खुलकर विरोध किया। सड़क जाम हुए, प्रदर्शन हुए और दो दिनों तक भूख हड़ताल भी चली। लोगों की साफ मांग थी कि सेक्टर-6 में बना वह अवैध दफ्तर तोड़ा जाए, जहां से कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियां चलाई जाती थीं।
कोर्ट के आदेश के बाद चला बुलडोजर
आखिरकार प्रशासन ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। स्टेट कोर्ट से आदेश मिलने के बाद पीपी एक्ट 1971 के तहत अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई। बीएसएल टाउन एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी ए.के. सिंह ने बताया कि इस कार्यालय को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह कार्रवाई की गई।
20 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज
बोकारो सिटी के डीएसपी आलोक रंजन के मुताबिक विनोद कुमार पर करीब 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। सेक्टर-6 में बना उसका कार्यालय अवैध रूप से संचालित हो रहा था और अपराधियों का अड्डा बन चुका था। बीएसएल द्वारा जारी इविक्शन ऑर्डर के तहत इसे हटाया गया।
विरोध की कोशिश, लेकिन सख्ती के आगे नहीं चली
ध्वस्तीकरण के दौरान विनोद कुमार के कुछ समर्थकों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंचा था, इसलिए कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कर ली गई।
जेल में बंद, फिर भी चुनावी मैदान में
फिलहाल विनोद कुमार जेल में बंद है। दिलचस्प बात यह है कि उसने नगर निगम चुनाव में मेयर पद के लिए नामांकन भी दाखिल किया है। एक तरफ जेल और दूसरी तरफ चुनावी दावेदारी, इस वजह से मामला और चर्चा में है।
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