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Patna : नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का गुस्सा 25 जुलाई को बिहार की सड़कों पर फूट पड़ा। छात्रों के समर्थन में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान कई जिलों में प्रदर्शन उग्र हो गया। पटना के एग्जिबिशन रोड और गांधी मैदान के पास पुलिस की गाड़ियों को पलट कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सिवान में हालात इस कदर बिगड़े कि जेपी चौक पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव के बीच AK-47 से फायरिंग हो गई। इस फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा और सिवान पुलिस ने सिपाही/47 अभिषेक कुमार को सस्पेंड कर दिया। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस बोली- भीड़ ने घेर लिया था, ऊपर की ओर चलाईं 4 गोलियां
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 25 जुलाई को सिवान शहर के जेपी चौक के पास बंद समर्थकों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया था। उस समय वहां तैनात सिपाही अभिषेक कुमार ने जान-माल और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए चार राउंड हवाई फायरिंग की। पुलिस का कहना है कि गोलियां ऊपर की तरफ बैरल कर चलाई गई थीं। जेपी चौक पर मौजूद भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, बवाल के दौरान तीन लोगों के घायल होने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तीनों जेपी चौक से काफी दूरी पर घायल मिले थे।
तीन युवक घायल, सभी जेपी चौक से दूर मिले
पुलिस के अनुसार, घायल हुए तीन लोगों में 17 वर्षीय मो. आरिफ कुरैशी, 22 वर्षीय आकाश कुमार और 20 वर्षीय बुलेट कुमार गौड़ शामिल हैं।
मो. आरिफ कुरैशी और आकाश कुमार हाफिज चौक के पास घायल हुए। यह जगह जेपी चौक से करीब 1.5 किलोमीटर दूर है। वहीं, बुलेट कुमार गौड़ ट्रैफिक थाना के पास घायल पाए गए। यह स्थान जेपी चौक से करीब 2 किलोमीटर दूर है।
तीनों को पहले सिवान सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत खतरे से बाहर है। मो. आरिफ कुरैशी को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
घायलों के बयान पर तीन अलग-अलग केस दर्ज
घटना को लेकर तीनों घायलों के बयान पर सिवान नगर थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। बुलेट कुमार गौड़ के बयान पर सिवान नगर थाना कांड संख्या 721/26 दर्ज किया गया है। आकाश कुमार के बयान पर कांड संख्या 722/26 और मो. आरिफ कुरैशी के बयान पर कांड संख्या 723/26 दर्ज की गई है। तीनों प्राथमिकी 26 जुलाई 2026 को दर्ज की गई हैं।
दो बीडीओ भी गंभीर रूप से घायल, एक की आंख की रोशनी गई
बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा में दो प्रखंड विकास पदाधिकारी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें छपरा सदर की बीडीओ दृष्टि पाठक और रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार शामिल हैं।
दृष्टि पाठक का इलाज पटना के आईजीआईएमएस में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, उनकी एक आंख की रोशनी चली गई है। वहीं, रिविलगंज के बीडीओ रितेश कुमार का इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। उनके सिर में गंभीर चोट आई है। सर्जरी के बाद भी उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
पटना से लेकर सिवान तक सड़कों पर उतरे छात्र
यहां याद दिला दें कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों में पहले से ही गुस्सा था। 25 जुलाई के बिहार बंद के दौरान यह गुस्सा सड़कों पर नजर आया। छात्र संगठनों के साथ वामपंथी छात्र संगठनों ने भी बंद में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पटना, सारण, सिवान, औरंगाबाद और भागलपुर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। कई जगहों पर हालात बिगड़ गए। पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। दूसरी ओर, समस्तीपुर, नवादा और नालंदा में प्रदर्शन अपेक्षाकृत शांत रहा।
अब जांच से खुलेगा फायरिंग का पूरा राज
सिवान की घटना में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेपी चौक पर पुलिसकर्मियों को घेरने के बाद हालात कितने गंभीर थे और फायरिंग किन परिस्थितियों में की गई। पुलिस का कहना है कि चार राउंड हवाई फायरिंग जान-माल और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए की गई।
वहीं, वायरल वीडियो में AK-47 से फायरिंग का दृश्य सामने आने के बाद घटना को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। सिपाही के निलंबन और विभागीय जांच के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इसी जांच से यह साफ होगा कि 25 जुलाई को सिवान के जेपी चौक पर आखिर उस वक्त हुआ क्या था, जब छात्रों का आंदोलन फायरिंग तक पहुंच गया।
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